
कई बार मांसपेशियों के कमजोर होने के कारण अधिक एक्सरसाइज या वजन उठाने से भी हाथ में दर्द होने लगता है। ऐसे में कुछ योगासनों को यदि नियमित किया जाए तो काफी फायदा मिलता है।
गलत तरीके से बैठने या लेटने के दौरान अक्सर हाथ में दर्द और बेचैनी महसूस होती है। कई बार मांसपेशियों के कमजोर होने के कारण अधिक एक्सरसाइज या वजन उठाने से भी हाथ में दर्द होने लगता है। ऐसे में कुछ योगासनों को यदि नियमित किया जाए तो काफी फायदा मिलता है।
बकासन -
बक यानी बगुला व इसके आकार में बैठना बकासन कहलाता है। इससे शरीर का संतुलन सही होता है।
ऐसे करें: समतल स्थान पर बैठ जाएं। अब दोनों हाथों को अपने सामने जमीन पर रखें। सामान्य सांस लेते रहें। दोनों घुटनों को हाथों की कोहनियों पर स्थिर कीजिए। सांस अंदर की ओर लेते हुए शरीर का पूरा भार धीरे-धीरे हथेलियों पर आने दें व शरीर का पिछला भाग ऊपर उठा लें। क्षमतानुसार इस आसन का अभ्यास करें।
ध्यान रखें: यह आसन थोड़ा कठिन है लेकिन नियमित अभ्यास से इसकी पूर्ण अवस्था पा सकते हैं। हाथ-गर्दन में कोई समस्या हो तो न करें।
पार्श्व बकासन -
यह बकासन का ही एक रूप है। इसकी खास बात है कि इसमें शरीर को बाईं और दाईं दोनों तरफ ले जाने से बैलेंस आसानी से बन जाता है।
ऐसे करें: हाथों के बल शरीर को ऊपर उठाकर जमीन के बराबर रखें। इसके बाद पैरों को घुटने से मोड़कर पहले दाईं कोहनी पर रखकर संतुलन बनाएं। फिर बाईं कोहनी से ऐसा करें। क्षमतानुसार इस अवस्था में रुककर प्रारंभिक अवस्था मं आ जाएं।
ध्यान रखें: योग एक्टपर्ट के मार्गदर्शन में इसे करें। वर्ना संतुलन बिगडऩे से चोट लग सकती है। गर्दन या कमरदर्द की स्थिति में इसे न करें।
वशिष्ठासन-
इससे हाथ-कंधे लचीले होने के साथ जांघों और कमर के आसपास की चर्बी कम होती है।
ऐसे करें: जमीन पर चटाई बिछाकर उल्टा लेट जाएं। इसके बाद हथेलियों के बल शरीर को ऊपर उठाएं। पहले बायां हाथ इस तरह ऊपर की ओर ले जाएं कि चेहरा सहित शरीर बाईं ओर हो। इस दौरान पैर सीधे व पंजे आगे-पीछे रखें। दोनों हाथों को एक सीध में रखते हुए सामने देखें। कुछ देर इस अवस्था में रुकने के बाद प्रारंभिक स्थिति में आ जाएं।
ध्यान रखें: स्पॉन्डिलाइटिस और कमरदर्द की दिक्कत है तो न करें।
Published on:
25 Jul 2019 05:57 pm
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