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पिता के हत्यारे बेटे को आजीवन कारावास, दो बेटे और पोते को तीन साल का कारावास

हिंडोली थाना क्षेत्र के तीन वर्ष पुराने पिता की हत्या के मामले में गुरुवार को अतिरिक्त जिला न्यायाधीश [क्रम-एक] अचला आर्य ने बेटे ताराचंद को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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पिता के हत्यारे बेटे को आजीवन कारावास, दो बेटे और पोते को तीन साल का कारावास

पिता के हत्यारे बेटे को आजीवन कारावास, दो बेटे और पोते को तीन साल का कारावास

बूंदी. हिंडोली थाना क्षेत्र के तीन वर्ष पुराने पिता की हत्या के मामले में गुरुवार को अतिरिक्त जिला न्यायाधीश [क्रम-एक] अचला आर्य ने बेटे ताराचंद को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। हत्या की वारदात को छिपाने के आरोप में मृतक के दो पुत्रों और एक पोते को 3 वर्ष के कारावास की सजा से दण्डित किया।


अभियोजन पक्ष के अनुसार हिंडोली थाना क्षेत्र के खाटी आतरी निवासी दीपक वर्मा ने 8 मार्च 2021 को थाने में रिपोर्ट दी थी कि 3 मार्च 2021 को उसके दादा नंदकिशोर के साथ जमीन के कागजात की बात को लेकर ताऊ ताराचंद ने लाठी से वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। बीच बचाव करने पर ताराचंद ने दीपक से भी मारपीट की। घायल नंद किशोर को उपचार के लिए बूंदी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने जांच के बाद मृतक नंद किशोर के बेटे ताराचंद के खिलाफ हत्या और अन्य बेटे रामप्रसाद व किशन तथा पोते मुकेश के खिलाफ वारदात छिपाने और सबूत मिटाने के आरोप में न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया।


न्यायालय में सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक कैलाशचंद मीणा ने 20 गवाह व 28 दस्तावेज पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश अचला आर्य ने ताराचंद को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व 11 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया। उरामप्रसाद, किशन व मुकेश को वारदात छिपाने के आरोप में तीन साल के कारावास की सजा सुनाई।