
हिण्डोली. मटर मंडी
हिण्डोली. प्रदेश में मटर उत्पादन क्षेत्र में अग्रणी हिण्डोली क्षेत्र में इस बार मटर की आवक जल्द शुरू हो गई। यहां पर गोल्डन मटर की मिठास गुजरात सहित अन्य राज्य तक पहुंच रही है। किसान मटर मंडी में वाहनों में मटर बेचने लाते हैं, जिसे व्यापारी गुजरात व राज्य के विभिन्न मंडियों में बेचने ले जा रहे हैं।
जानकारी अनुसार दशकों से हिण्डोली क्षेत्र में मटर का रिकॉर्ड उत्पादन होता है। इस बार भी यहां पर करीब 4 हजार हेक्टेयर भूमि पर मटर की बुवाई की गई है, जो गत वर्ष से काफी कम है। इस बार मटर का उत्पादन जल्द शुरू हो गया। रकबा भी कम होने के बावजूद किसानों को मटर के दाम कम मिल रहे हैं। यहां पर मटर मंडी में लगने वाली मटर मंडी की बोली में प्रतिदिन डेढ़ हजार से अधिक बोरी मटर की आवक हो रही हैं, जिन्हें व्यापारी खरीद कर अन्य राज्य व प्रदेश की विभिन्न मंडियो में बेचने ले जा रहे हैं।
लोगों को भा रहा है गोल्डन मटर
क्षेत्र में सर्वाधिक गोल्डन मटर का उत्पादन होता है। इसकी फलियों में 8 से 10 दाने होते हैं, जो खाने में मीठे लगते हैं। इससे इसकी मांग अधिक रहती है।
कम उत्पादन, फिर भी दाम कम
मंडी में मटर लाने वाले किसानों ने बताया गत वर्ष मटर के दाम काफी अच्छे थे, लेकिन इस बार मटर का उत्पादन कम होने के बाद भी दाम 15 से 18 रुपए किलो तक ही मिल रहे हैं, जो काफी कम है। किसानों ने बताया कि मटर की तुड़ाई काफी महंगी पड़ती है। किसानों का कहना है कि पूरे परिवार व दर्जनों मजदूरों के साथ सुबह से ही खेतों में मटर की फलियां तोड़ने में लग जाते हैं। शाम को वाहनों में भरकर मटर मंडी भिजवाते हैं। जहां पर व्यापारिक उनकी खरीद करते हैं।
मध्य प्रदेश के मटर ने बिगाड़ी गणित
मटर खरीद करने वाले व्यापारियों का कहना है कि इस बार मध्य प्रदेश में मटर का उत्पादन प्राप्त हो रहा है, वहां से मटर प्रदेश में पहुंच रहा है। ऐसे में मटर के दाम किसानों को कम मिल रहे हैं।
बड़ानयागांव स्थित मटर मंडी में शाम के समय प्रतिदिन डेढ़ हजार से अधिक बोरे मटर के बिकने आ रहे हैं। यहां पर गोल्डन मटर का उत्पादन अधिक हो रहा है, जिससे लोग पसंद कर रहे हैं। शाम को व्यापारी मटर की खरीद के बाद वाहनों में मटर के बोरे भरकर गुजरात प्रदेश के अहमदाबाद सहित अन्य शहरों व प्रदेश के जयपुर, अजमेर, बूंदी, कोटा की मंडी में बेचे ले जा रहे हैं। इस बार मटर के दाम कम मिल रहे हैं ।
दीपक जैन, व्यापारी बड़ानयागांव।
क्षेत्र में मटर का रिकॉर्ड उत्पादन होता था, लेकिन किसानों का ध्यान धान की फसल पर है। इस बार बारिश अधिक होने से यहां पर धान की बुवाई अधिक हुई, जिससे मटर का रकबा घटा है। क्षेत्र में करीब 4 हजार हेक्टेयर मटर की बुवाई है। मटर की बुवाई में खर्च अधिक हो रहा है।
बाबूलाल मीणा, सहायक कृषि अधिकारी बड़ानयागांव।
Published on:
21 Feb 2026 05:01 pm
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