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Bundi : भूमि विवाद में अटका सड़क निर्माण कार्य, ग्रामीण परेशान

सामरा गांव के ग्रामीणों के लिए यह सडक़ केवल एक रास्ता नहीं, बल्कि पहली बार विकास की नई शुरुआत थी।

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बूंदी

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pankaj joshi

Feb 20, 2026

Bundi : भूमि विवाद में अटका सड़क निर्माण कार्य, ग्रामीण परेशान

बड़ाखेड़़ा. सडक़ निर्माण के लिए बिछाई गई गिट्टी।

बड़ाखेड़ा. सामरा गांव के ग्रामीणों के लिए यह सडक़ केवल एक रास्ता नहीं, बल्कि पहली बार विकास की नई शुरुआत थी। वर्षों से कच्चे रास्तों पर धूल-कीचड़ झेलने वाले ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब उनका गांव भी पक्की सड़क से जुड़कर मुख्यधारा में आएगा, लेकिन यह सपना फिलहाल अधूरा रह गया है। सामरा गांव से बड़ाखेड़ा कस्बे तक बन रही सड़क का निर्माण कार्य एक माह से बंद पड़ा है।

सड़क पर दोनों ओर गिट्टी बिछ चुकी है, लेकिन भूमि विवाद के कारण आगे का कार्य रुक गया। ग्रामीणों का कहना है कि जिन खेत मालिकों ने गांव के हित में सड़क के लिए जमीन दी थी, अब वहीं खेत मालिक अपने खेत में गिट्टी डालने नहीं दे रहा, जिससे निर्माण कार्य बीच में अटक गया है। ग्राम पंचायत प्रशासक रमेश चंद पालीवाल ने बताया कि सामरा गांव में आजादी के बाद पहली बार पक्की सड़क निर्माण कार्य लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों से शुरू हो पाया। उन्होंने कहा कि पंचायत की ओर से खेत मालिक को समझाइश कर निर्माण कार्य दोबारा शुरू करवाने की कोशिश जारी है, ताकि गांव के लोगों का वर्षों पुराना सपना साकार हो सके।

मार्च तक डामरीकरण का लक्ष्य
सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता हिमांशु दाधिच ने बताया कि सामरा गांव से बड़ाखेड़ा कस्बे तक सड़क निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था और दोनों तरफ गिट्टी बिछ चुकी है। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य है कि मार्च माह तक डामरीकरण कार्य पूरा कर दिया जाएगा। हालांकि भूमि अधिग्रहण संबंधी समस्या के चलते एक माह तक कार्य बंद करना पड़ा। फिलहाल आपसी सहमति से समाधान निकालने के प्रयास जारी हैं।

60 परिवारों की उम्मीदें अटकी
करीब 60 परिवारों और 300 की आबादी वाले इस गांव में रहने वाले बैरवा समाज के लोग लंबे समय से पक्की सड़क की मांग कर रहे थे। अब जब सड़क बननी शुरू हुई तो विवाद ने ग्रामीणों की खुशियों पर फिर से ब्रेक लगा दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से बच्चों की स्कूल तक पहुंच, मरीजों का अस्पताल तक समय पर पहुंचना और रोजमर्रा की आवाजाही आसान हो जाएगी, लेकिन निर्माण बंद होने से गांव में मायूसी छा गई है।