
बूंदी. बजट पूर्व चर्चा करते पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग।
बूंदी. छोटी काशी प्रदेश के प्रमुख ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर स्थलों में से एक है। यह शहर अपने प्राचीन किलों, बावड़ियों, कुंडों और अद्वितीय भित्तिचित्रों के लिए प्रसिद्ध है, जो न केवल भारतीय बल्कि विदेशी पर्यटकों के बीच भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। फिर भी, यह शहर पर्यटन के मामले में अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पाया है।
यहां की पर्यटन सुविधाओं की कमी, प्रचार का अभाव और राज्य की अन्य प्रसिद्ध जगहों के मुकाबले कम ध्यान आकर्षित करना। यहां के स्थानीय व्यवसायी, होटल संचालक, गाइड और अन्य पर्यटन उद्योग से जुड़े व्यक्तियों ने कई बार अपनी आवाज उठाई है। पत्रिका ने बजट से पूर्व पर्यटन से जुड़े गाइड, होटल व्यवसायी, ट्यूर एंड ट्रेवल कंपनी, चित्रकार एवं रेस्टोरेंट संचालक से इस संबंध में चर्चा की जो इस प्रकार है।
बूंदी के ऐतिहासिक महत्व को समझते हुए इसे पर्यटकों के बीच प्रमुखता से प्रचारित किया जाना चाहिए। यदि सही तरीके से पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए, तो यह स्थान ज्यादा से ज्यादा पर्यटकों को आकर्षित कर सकता है। स्थानीय गाइडों को प्रशिक्षित करने और उनके लिए बेहतर काम के अवसर सुनिश्चित करने की आवश्यकता हैं।
नरेंद्र सिंह डोकुन, अध्यक्ष, गाइड एसोसिएशन
बूंदी में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होटल और रिसॉर्ट्स के इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हालांकि बूंदी में कई अच्छी सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन उन्हें सुधारने और आधुनिक बनाने की जरूरत है। यदि पर्यटकों को उचित सुविधाएं मिलें तो वे यहां अधिक समय बिता सकते हैं, जिससे स्थानीय व्यवसायों को लाभ होगा।
नवनीत कसेरा, होटल व्यवसायी
बूंदी को विशेष रूप से विदेशी पर्यटकों के बीच अधिक लोकप्रिय बनाने की आवश्यकता है। इसके लिए सोशल मीडिया, ऑनलाइन पर्यटन मंचों और डिजिटल प्रचार का उपयोग किया जा सकता है। सरकारी पर्यटन योजनाओं का बेहतर प्रचार और निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करने से बूंदी में पर्यटन को नया आयाम मिल सकता है। पर्यटन स्थलों तक पहुंचने के लिए सुगम पथ व लाइट की व्यवस्था, सफाई के लिए विशेष योजना बने। पर्यटन स्थलों का साइनबोर्ड बाजारों में लगे। बूंदी प्रवेश मार्ग पर मानचित्र लगे । नया बस स्टैंड हेरिटेज की तर्ज पर बने।
आशीष दाधीच, होटल व्यवसायी
ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करना और उसे पर्यटन के रूप में पेश करना दोनों एक साथ आवश्यक हैं। उनके अनुसार, यदि पर्यटन को बढ़ावा दिया जाता है, तो इसके साथ ही शहर की सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। सरकार को स्थानीय कला और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं बनानी चाहिए।
जय प्रकाश जैन, गाइड हाड़ौती
बूंदी को टूरिज्म सर्किट का हिस्सा बनाया जाए और उसे अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ जोड़ दिया जाए, तो इस शहर का पर्यटन कारोबार बहुत बढ़ सकता है। टूर पैकेजेस की सुविधा होनी चाहिए, जिससे पर्यटकों को यहां आने के लिए एक सुविधाजनक और आकर्षक मार्ग मिल सके। इसके अतिरिक्त, बुनियादी ढांचे में सुधार जैसे सडक़ें, परिवहन और सूचना केंद्र स्थापित किए जाने चाहिए।
अंकुर जैन, ट्यूर एंड ट्रेवल कंपनी
बूंदी की संस्कृति और कला को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार को विशेष प्रयास करने चाहिए। वे बूंदी शैली के चित्रों को विश्वभर में प्रसिद्ध करने के लिए कार्ययोजना बनाने की बात करते हैं। इन पारंपरिक कलाओं को एक बाजार देने से स्थानीय कलाकारों और दुकानदारों को मदद मिल सकती है, और साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। शहर के प्रमुख चौराहों पर महापुरुषों की प्रतिमाएं लगे। सुखमहल, कुंड व बावड़ियों में फव्वारें लगे जिसमे लाइटिंग की व्यवस्था हो। विरासत की देखरेख के लिए प्रत्येक मोनोमेन्ट में गाईड हो।
गोपाल सामरिया, बूंदी शैली चित्र दुकानदार
बूंदी में पर्यटन के लिए प्रशिक्षित गाइड की आवश्यकता है, जो पर्यटकों को न केवल ऐतिहासिक स्थलों के बारे में जानकारी दें, बल्कि शहर की संस्कृति, कला और परंपराओं को भी प्रभावी तरीके से प्रस्तुत कर सकें। नवलसागर सागर झील के किनारे सेवन वंडर की तर्ज पर कार्य हो। गढ़ पैलेस में प्रोजेक्टर लगे, जिसमें इतिहास बताया जाए। भीम बुर्ज से टाइगर हिल तक रोप-वे बनाया जाए। सूरज छतरी, मोरडी की छतरी, सियाली छतरी में रिनोवेशन के कार्य हो।
संदीप शर्मा, टूरिस्ट गाइड
बूंदी में पर्यटन बढ़ेगा तो स्थानीय खानपान उद्योग को भी फायदा होगा। उनका सुझाव है कि स्थानीय व्यंजन, जो यहां की पारंपरिक संस्कृति का हिस्सा हैं, उन्हें अधिक प्रचारित किया जाए। विदेशी पर्यटकों के लिए यह एक अनूठा अनुभव हो सकता है, और इससे स्थानीय व्यवसायियों की आय में भी वृद्धि हो सकती है। रामगढ़ अभयारण में कोर एरिया में सफारी शुरू की जाए ताकि विदेशी पर्यटक रणथंभोर जाने के बजाय बूंदी ही ठहरे।
नरेंद्र सिंह हाड़ा, रेस्टोरेंट संचालक
Published on:
24 Jan 2026 07:05 pm
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