
अब छुक छुक में बैठ कर जानेगें बूंदी के साहित्य को...
बूंदी. रेलवे में सफर करने वाले यात्री अब अपने शहर के साहित्यकारों के बारे में भी जान सकेगें जी हां राजभाषा विभाग रेल मंत्रालय की इस कवायद के तहत प्रत्येक रेलवे स्टेशन प्रतीक्षालयों में साहित्यकारों के चित्र उनके परिचय साहित्य लगाए जाने हैं।
पर्यटन नगरी बूंदी में फिलहाल दो साहित्यकारों के नाम पर ही मुहर लग पाई है। समिति शहर के ओर भी साहित्यकारों की सूची तैयार करने में लगी है।
इन दो साहित्यकारों के नाम हुए तय-
स्टेशन राजभाषा कार्यान्वयन समिति के संयोजक सुरेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि अखिल भारतीय साहित्य परिषद बूंदी के अध्यक्ष गणेश लाल गौतम जिनको उनकी पुस्तक मेनका पर राजस्थान साहित्य अकादमी द्वारा सम्मानित किया जा चुका है
इसके अलावा उनकी पुस्तकें सूर्य मल्ल की स्वर्णिमरश्मियां और उसका सूर्य मन की स्वर्णिम रश्मियों एवं पुरुष का सिंहनाद को शामिल किया है इसके अलावा ादूसरे साहित्यकार मदन मदिर जिन्हें राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान जन जागरण पुरस्कार उन्नीस सौ इकरानवे तथा मित्र मनीषी सम्मान उन्नीस सौ बानवे दिया गया था उनकी प्रकाशित पुस्तकें हैं शब्द यात्रा दूसरी सिंहनाद एवं तीसरी नानक भील। इन दोनों साहित्यकारों के चित्र बूंदी रेलवे स्टेशन प्रतीक्षालय में लगवाए गए है ।
Published on:
27 Sept 2018 04:19 pm
