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इन पांच तरीकों से करें अपने म्यूचुअल फंड का मूल्यांकन

अखिल चतुर्वेदी, एग्जीक्युटीव वाइस प्रेसीडेंट- हेड- सेल्स एंड डिस्ट्रिब्युशन, MOAMC  

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Mutual Funds

आमतौर पर म्यूचुल फंड में निवेश करना एक जोखिम भरा कदम होता है। हालांकि, किसी भी म्यूचुअल फंड के प्रदर्शन का अनुमान आप आसानी से उसके पिछले रिटर्न के आधार पर लगा सकते हैं। म्यूचुअल फंड में संभावित जोखिम और संभावित रिटर्न के आधार पर ही यह तय होता है कि आपको इसमें निवेश करते दौरान कैसे कम से कम जोखिम और अधिक से अधिक रिटर्न का लाभ मिल सकता है। आइए जानते हैं उन पांच तरीकों के बारे में जिसके आधार पर आप अपने म्यूचुअल फंड का मूल्यांकन कर सकते हैं।


जोखिम समायोजित रिटर्न

समय की अवधि में संकेतिक जोखिम की तुलना में आपके द्वारा किए गए गणनात्मक रिटर्न ही जोखिम समायोजित रिटर्न हैं। तुलनात्मक दृष्टिकोण से देखा जाये तो कुछ म्यूचुअल फंड समान अवधि में एक ही फीसदी की का रिटर्न देते हैं। वहीं, कम जोखिम वाले फंड में अधिक जोखिम वाले समायोजित रिटर्न होते हैं।

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बेंचमार्क

स्टैंडर्ड मापदंड की तुलना में जब आप किसी फंड की क्वॉलिटी मापते हैं तो इसे बेंचमार्क कहते हैं। पीयर मार्केट के लिए यह एक रेफरेंस प्वाइंट होता है। म्यूचुअल फंड में निवेश करने के उद्देश्य से अलग आप बेंचमार्क की मदद से यह पता लगा सकते हैं कि मार्केट प्रतिस्पर्धा की तुलना में आपके निवेश का क्या प्रदर्शन है। मार्केट हालात की तुलना में ऐतिहासिक रिटर्न के बारे में जानने से आप अपने निवेश के प्रदर्शन बेंचमार्क की महत्ता के बारे में पता लगा पाते हैं। हालांकि, भविष्य में प्रदर्शन या फल के लिए ऐतिाहिसक रिटर्न डेटा ही एक विश्वसनीय संकेतक नहीं होता है।


पीयर्स की तुलना में प्रदर्शन

पीयर्स के साथ तुलनात्मक प्रदर्शन उसी कैटेगरी के आपके म्यूचुअल फंड की प्रभावशीलता का एक पैमाना है। म्यूचुअल फंड सक्रिय रूप से फंड ब्रह्मांड की रैंकिंग को शीर्ष करने की कोशिश करते हैं। मूल्य सीखने की निर्धारित अवधि के लिए उच्च रिटर्न की ओर लक्षित, पीयर्स प्रदर्शन की सिफारिश की जाती है।

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पोर्टफोलियों में स्टॉक्स की क्वॉलिटी

किसी तय समयावधि में कुल निवेशित कैपिटल पर मिलने वाले रिटर्न की क्षमता किसी भी पोर्टफोलियो में स्टॉक्स की क्वालिटी के बारे में बताता है। यह बेहतर होगा कि आप म्यूचुअल फंड के इंडस्ट्री लीडरशीप पोजिशन के बारे में जानें। क्योंकि, जब आपके पोर्टफोलियों में स्टॉक्स की क्वालिटी बेहतर होगी तो जाहिर है कि इससे रिटर्न का प्रदर्शन भी बेहतर होगा। म्यूचुल फंड का ऐतिहासिक प्रदर्शन और उसकी गुणनात्मक सांख्यिकी से ही प्रदर्शन का आंकलन होगा।


ट्रैक रिकॉर्ड और फंड मैनेजर की क्षमता

आपका फंड मैनेजर ही आपके निवेश से लेकर स्टॉक्स चुनने के बारे में फैसला लेता है। ऐसे में जरूरी है कि आप अपने फंड मैनेजर की क्षमता को उसके फंड मैनेजमेंट की जानकारी और दक्षता के आधार पर चुनें। आपके फंड मैनेजर के पहले का प्रदर्शन इसके लिए एक पैमाना हो सकता है। आपके फंड मैनजर का ट्रैक रिकॉर्ड आपके निवेश वैल्यू के लिए बेहतर होगा।