1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

34% महिलाएं छोड़ रही नौकरियां, जानें कौन है इसका जिम्मेदार

देश में महिला कर्मचारियों की संख्या बढ़ने के बावजूद उनके लिए काम करना मुश्किल होता जा रहा है। जानें किस तरह की चुनौतियों का सामना कर रही महिलाएं।

less than 1 minute read
Google source verification
women_leaving_jobs.jpg

नई दिल्ली. देश में महिला कर्मचारियों की संख्या बढ़ने के बावजूद उनके लिए काम करना मुश्किल होता जा रहा हैं। पुरुष कर्मचारियों की तुलना में नौकरीपेशा महिलाओं के लिए काम और जीवन के बीच संतुलन बनाना बहुत बड़ी चुनौती बन गाया हैं।जिसके चलते वुमन इन इंडिया इंक एचआर मैनेजर्स सर्वे रिपोर्ट के अनुसार भारत कंपनियों में काम कर रही 34% बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस के चलते नौकरियां छोड़ रही हैं। वहीं सिर्फ 4% पुरुष कर्मचारी ऐसा कर रहे है। इसके अलावा कम सैलरी, कॉरियर में रुकावट भी महिलाओं में नौकरी छोड़ने का सबसे बड़ा कारण बनकर उभरा हैं।


इतने नियोक्ता हायर करने के समय इसपर करते फोकस



































फोकसमहिलापुरुष
शिक्षा73%79%
अनुभव72%80%
उम्र43%39%
मैरिटल स्टेटस38%22%
लोकेशन26%21%

36% कंपनियां नहीं देती मैटरनिटी लीव की सुविधा

साथ ही कंपनियां भी महिलाओं को नियुक्त करने के समय पुरुष उम्मीदवारो के मुकाबले महिलाओं के मैरिटल स्टेटस, उम्र, अनुभव जैसे विभिन्न चीजों पर अधिक फोकस करते है। कंपनियों की बात करें तो आज भी 50% से अधिक कंपनियां पोश एक्ट का पालन नहीं कर रही है।, जो महिलाओं के खिलाफ होने वाली यौन उत्पीड़न मुद्दे को संबोधित का काम करती हैं। वहीं 36 प्रतिशत कंपनियां मैटरनिटी लीव का लाभ नहीं देती हैं।