सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करत हुए रिलायंस और फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) को झटका दिया है। कोर्ट ने ई-व्यवसाय क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अमेजन को बड़ी राहत दी है।
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शुक्रवार को एक याचिका पर सुनवाई करत हुए रिलायंस (Reliance) और फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) को झटका दिया है। कोर्ट ने ई-व्यवसाय क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अमेजन (Amazon) को बड़ी राहत दी है। रिलायंस व फ्यूचर रिटेल के 24,713 करोड़ रुपये के सौदे के मामले में अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन की बड़ी जीत हुई है। इस खबर के बाद आज रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में भारी गिरावट आई। कोर्ट ने कहा कि अक्टूबर में आया सिंगापुर की मध्यस्थता अदालत का फैसला सही है। मध्यस्थता अदालत (SIAC) ने इस डील पर रोक लगा दी थी।
रिलायंस रिटेल और फ्यूचर ग्रुप के सौदे पर रोक के आदेश
शीर्ष कोर्ट ने आज सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट की सिंगल बेंच के आदेश को बरकरार रखा है। सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस रिटेल के साथ फ्यूचर ग्रुप के सौदे पर फिलहाल रोक लगाने का आदेश दिया है। अमेजन ने रिलायंस—फ्यूजर ग्रुप के सौदे के खिलाफ अमेजन ने सुप्रीम कोर्ट ने याचिका दाखिल की जिसपर यह फैसला सुनाया गया है। कोर्ट ने कहा, किसी विदेशी कंपनी के आपात निर्णायक (ईए) का आदेश धारा 17 (1) के तहत आने वाला आदेश है और इसे मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम की धारा 17 (2) के तहत लागू करने योग्य है।
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पिछले साल हुआ था फ्यूचर और रिलायंस का विलय
आपको बता दे कि फ्यूचर ग्रुप ने पिछले साल अगस्त में फ्यूचर रीटेल सहित अपनी 5 लिस्टेड कंपनियों की फ्यूचर एंटरप्राइजेज लिमिटेड में विलय करने की घोषणा की थी। इसके बाद रीटेल बिजनस को रिलायंस को ट्रांसफर किया जाएगा। यह सौदा करीब 25,000 करोड़ रुपए का है।
अमेजन का फ्यूचर रीटेल पर आरोप
अमेजन की फ्यूचर रीटेल में फ्यूचर कूपंस के जरिए 5 फीसदी हिस्सेदारी है। अमेजन ने 2019 में फ्यूचर कूपंस में 49 फीसदी हिस्सेदारी 1500 करोड़ रुपए में खरीदी थी। अमेजन का आरोप है कि फ्यूचर ने उसकी सहमति के बिना अपना कारोबार रिलायंस को बेच दिया।