यदि बटाईदारों को आम किसान का दर्ज दिया गया तो उन्हें जमीन पर खेती के लिए कर्ज, बीमा सुविधा समेत अन्य सभी सरकारी सुविधाएं मिल सकेंगी। उल्लेखनीय है कि बटाईदार उन्हें कहा जाता है जो किसान दूसरे की जमीन पर फसल के आधे हिस्से के लिए खेती करते हैं या जमीन मालिक को तय आधार पर पैसे देते हैं।