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बटाईदारों को मिल सकता है आम किसान का दर्जा

केन्द्र सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ाने के लिए आने वाले समय में कई उपायों की घोषणा कर सकती है। 

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kamlesh sharma

Feb 08, 2016

केन्द्र सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ाने के लिए आने वाले समय में कई उपायों की घोषणा कर सकती है। सूत्रों की मानें तो वित्त मंत्री अरुण जेटली 29 फरवरी को पेश किए जाने वाले आम बजट में बटाईदार को आम किसान का दर्जा देने का ऐलान कर सकते हैं।

यदि बटाईदारों को आम किसान का दर्ज दिया गया तो उन्हें जमीन पर खेती के लिए कर्ज, बीमा सुविधा समेत अन्य सभी सरकारी सुविधाएं मिल सकेंगी। उल्लेखनीय है कि बटाईदार उन्हें कहा जाता है जो किसान दूसरे की जमीन पर फसल के आधे हिस्से के लिए खेती करते हैं या जमीन मालिक को तय आधार पर पैसे देते हैं।

सरकार का मानना है कि इस कदम से गांवों की अर्थव्यवस्था में सुधार आएगा और गांवों में निवेश बढ़ाने में मदद मिलेगी। बटाईदारों को कर्ज उपलब्ध कराने के लिए नाबार्ड के तहत एक फंड बनाया जाएगा।

इस फंड के जरिए उन्हें सिंचाई, बीज आदि के लिए कर्ज दिया जाएगा। माना जाता है कि देश की एक चौथाई खेती बटाईदारों के जरिए होती है। जी-तोड़ मेहनत करने और सभी तरह का जोखिम उठाने के बाद भी किसानों को अपनी मेहनत का लाभ नहीं मिल पाता है।

सरकार की तरफ से कोई पहल न हो पाने के कारण उन्हें सरकारी सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। आंकड़ों के अनुसार देश में आत्महत्या करने वाले किसानों में से 90 फीसदी से अधिक संख्या बटाईदारों की है।
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