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कभी मुंबई की झुग्गियों में काटी रातें, कभी बेचे पटाखे, जानिए कैसे भारत के Rizwan Sajan बने करोड़ो की संपत्ति के मालिक

Rizwan Sajan Networth: कभी सड़कों पर दूध, किताबें और पटाखे बेचने वाले रिजवान आज दुबई के सबसे अमीर भारतीयों में शुमार हैं। आइए जानते हैं उन्होंने ये कामयाबी कैसे हासिल की।

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भारत

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Devika Chatraj

Jun 26, 2025

Rizwan Sajan Net Worth (Instagram Handle rizwan.sajan)

Dubai Richest Indian: मुंबई की तंग गलियों और झुग्गियों में जन्मे रिजवान साजन (Rizwan Sajan) की कहानी काफी प्रेरणादायक है। कभी सड़कों पर दूध, किताबें और पटाखे बेचने वाले रिजवान आज दुबई के सबसे अमीर भारतीयों में शुमार हैं, जिनकी संपत्ति 2.5 अरब डॉलर (लगभग 20,830 करोड़ रुपये) है। उनकी मेहनत, लगन ने उन्हें एक छोटे से व्यापारी से दान्यूब ग्रुप के संस्थापक और चेयरमैन तक का सफर तय कराया, जो आज निर्माण सामग्री, होम डेकोर और रियल एस्टेट के क्षेत्र में 2 अरब डॉलर का कारोबार करता है।

शुरुआती संघर्ष और चुनौतियां

रिजवान साजन का जन्म मुंबई के घाटकोपर की झुग्गियों में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। उनके पिता ने एक सब्सिडी वाली लॉटरी जीतकर परिवार को एक छोटे से अपार्टमेंट में शिफ्ट किया, लेकिन आर्थिक तंगी बरकरार रही। रिजवान और उनकी बहनों को स्कूल तक कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था, और जेब खर्च के लिए सिर्फ 15 रुपये मिलते थे। रिजवान ने कम उम्र में ही परिवार की मदद के लिए किताबें, दूध, राखी और पटाखे बेचना शुरू किया। 16 साल की उम्र में पिता के निधन के बाद उन्हें स्कूल छोड़ना पड़ा और परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई।

कुवैत को मानते हैं किस्मत का दरवाजा

उन्होंने अपने पिता की छोटी सी बचत से बॉक्स फाइल्स बनाने का छोटा व्यवसाय शुरू किया, लेकिन यह पर्याप्त नहीं था। फिर उनके चाचा ने उन्हें कुवैत में नौकरी का अवसर दिया, जिसे रिजवान "अपनी लॉटरी" मानते हैं। मुंबई में जहां वह 6,000 रुपये महीना कमाते थे, वहीं कुवैत में उनकी तनख्वाह 18,000 रुपये (150 दिनार) थी। वहां वे ट्रेनी सेल्समैन से मैनेजर बने और उनकी कमाई 1,500 दिनार तक पहुंच गई, जिसमें 50,000 दिनार का कमीशन भी शामिल था। इस दौरान उन्होंने टोयोटा लैंड क्रूजर खरीदी, बांद्रा में घर लिया और अपनी बहन की शादी की।

1993 में शुरू की फर्म

1990 में सद्दाम हुसैन के कुवैत पर हमले ने रिजवान के सपनों को चकनाचूर कर दिया। उन्हें मुंबई लौटना पड़ा, जहां वह फिर से शून्य से शुरू हुए। लेकिन हार न मानने वाले रिजवान ने 1993 में दुबई में अपनी किस्मत आजमाई। वहां उन्होंने एक छोटी सी ट्रेडिंग फर्म शुरू की, जो बाद में दान्यूब ग्रुप बन गई। शुरुआत में यह ब्रोकरेज का काम था, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने निर्माण सामग्री, होम फर्निशिंग (दान्यूब होम, 2008), सैनिटरी सॉल्यूशंस (मिलानो, 2006) और एल्यूमिनियम कम्पोजिट पैनल्स (एल्यूकोपैनल, 2012) जैसे क्षेत्रों में कदम रखा।

2014 में रियल एस्टेट में एंट्री

2014 में रियल एस्टेट में उनकी एंट्री ने उनके कारोबार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। रिजवान ने "1% प्लान" शुरू किया, जिसमें खरीदार छोटा डाउन पेमेंट और 1% मासिक किस्त देकर लग्जरी घर खरीद सकते हैं। इस नवाचार ने दुबई में लग्जरी रियल एस्टेट को आम लोगों के लिए सुलभ बनाया। उनकी कंपनी ने Aston Martin, Fashion TV और Tonino Lamborghini Casa जैसे ब्रांड्स के साथ साझेदारी कर लग्जरी अपार्टमेंट्स और विला बनाए।

दान्यूब ग्रुप की उपलब्धियां

1993 में कुछ हजार दिरहम से शुरू हुआ दान्यूब ग्रुप आज UAE, ओमान, बहरीन, सऊदी अरब, कतर, भारत और चीन जैसे देशों में फैला है। 2019 में इसका टर्नओवर 1.3 अरब डॉलर था, जो 2023 तक 2 अरब डॉलर तक पहुंच गया। रिजवान की कंपनी ने UAE में 25 से ज्यादा रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स पूरे किए, जिनमें से 10 पिछले 19 महीनों में शुरू हुए। उनकी "My Dubai, My Home" कैंपेन ने प्रवासियों को दुबई में घर खरीदने के लिए प्रेरित किया। रिजवान ने सामाजिक कार्यों में भी योगदान दिया। उन्होंने दान्यूब वेलफेयर सोसाइटी बनाई, जो अकुशल मजदूरों को मुफ्त प्रशिक्षण और भाषा पाठ्यक्रम प्रदान करती है। उन्हें मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम बिजनेस एक्सीलेंस अवॉर्ड भी मिला है।

आलीशान जीवनशैली और प्रेरणा

आज रिजवान साजन दुबई के Emirates Hills में 40,000 वर्ग फुट के आलीशान बंगले में रहते हैं। उनकी कार कलेक्शन में 6 रॉल्स रॉयस (फैंटम, कुलिनन ब्लैक बैज, घोस्ट सीरीज II), बेंटले, फेरारी कैलिफोर्निया टी, लैम्बोर्गिनी उरुस और मेबैक S500 शामिल हैं, जिनका नंबर प्लेट 7869 है। उनकी पत्नी समीरा साजन और बेटा आदेल साजन दान्यूब ग्रुप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कड़ी मेहनत के साथ किस्मत भी जरुरी

रिजवान कहते हैं, "कड़ी मेहनत और किस्मत दोनों जरूरी हैं। अगर आप मेहनत करते हैं, लेकिन किस्मत साथ नहीं देती, तो आप असफल होंगे। और अगर किस्मत साथ है, लेकिन आप मेहनत नहीं करते, तो भी आप असफल होंगे।"

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