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फ्लिपकार्ट और ओला ने बनाया ई-कॉमर्स कंपनियों का लॉबी समूह, अपने हितों के लिए बनवाएंगी नीतियां

स्थानीय स्टार्टअप्स के लिए बेहतर मौके और प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए इस इंडस्ट्रियल बॉडी को जरूरी बताया गया है।

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नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों फ्लिपकार्ट और ओला ने ट्रेवल कंपनी मेकमाईट्रिप के साथ एक इंडस्ट्रियल बॉडी बनाई है, जो देश में स्टार्टअप्स के हितों का ध्यान रखेगी और उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बने रहने का मौका देगी। भारत के डिजिटल बाजार पर इस वक्त पूरी दुनिया की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनियों की नजर है। ऐसे में स्थानीय स्टार्टअप्स के लिए बेहतर मौके और प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए इस इंडस्ट्रियल बॉडी को जरूरी बताया गया है। हालांकि अभी तक पेटीएम, शॉप-क्लूज और जोमाटो जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों ने कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है कि वे इस समूह का हिस्सा हैं या नहीं।

सचिन बंसल बने अध्यक्ष, सीईओ बनेंगे पूर्व आईएएस
इस लॉबी ग्रुप की इंडियाटेक डॉट ओआरजी के नाम से वेबसाइट लांच की गई है। फ्लिपकार्ट के सह संस्थापक सचिन बंसल इस समूह के अध्यक्ष और चेयरमैन बनाए गए हैं। साथ ही वे एक पूर्व आईएएस अफसर की नियुक्ति बतौर सीईओ करेंगे। सीईओ की नियुक्ति अगले दो-तीन सप्ताह में होने की उम्मीद की जा रही है। समूह के संस्थापक सदस्यों में ऑनलाइन क्लासिफाइड कंपनी क्विकर और मैसेज एप्लीकेशन हाइक भी शामिल है।

इस समूह की स्थापना के बाद माना जा रहा है कि स्टार्टअप के हित में नीतियां बनवाने के लिए तेजी से काम किया जाएगा। फ्लिपकार्ट के बंसल और ओला के भाविश अग्रवाल देश के उन शुरुआती उद्यमियों में शुमार हैं, जिन्होंने वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच देशी स्र्टाटअप को सुरक्षा मुहैया कराने के सवाल को उठाया था। इसके लिए नीतियां निर्धारित करने की बात कही गई थी।

अन्य कंपनियां भी कर सकती हैं ज्वाइन
माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस समूह से अन्य कंपनियां भी जुडेंगी। हालांकि फिलहाल कार्यकारी समूह में फ्लिपकार्ट, ओला, मेकमाईट्रिप, क्विकर और हाइक ही हैं। यह समूह नॉन प्रॉफिट होगा और इसकी सदस्यता भी बहुस्तरीय होगी।

प्रमुख उद्देश्य है सरकार पर दबाव बनाना
सूत्रों के मुताबिक इस समूह का मुख्य उद्देश्य सरकार पर स्टार्टअप के हित में नीतियां बनाना और इंटरनेट सेवाओं में स्थानीय स्टार्टअप के लिए ज्यादा बेहतर माहौल तैयार करना है।

विदेशी निवेशकों को भी आमंत्रण
इस समूह का हिस्सा बनने के लिए दुनिया के कुछ सबसे बड़े निवेशकों को भी आमंत्रित किया गया है। इनमें जापान के सॉफ्टबैंक, न्यूयॉर्क के टाइगर ग्लोबल मैनेजमेंट, हांगकांग का हेग फंड स्टेडव्यू कैपिटल और एसेल और मैट्रिक्स की भारतीय इकाइयां शामिल हैं।

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