
नई दिल्ली। कोरोना के इलाज को लेकर वित्त मंत्रालय से राहत भरी खबरें सामने आई हैं। पहली छूट आयकर विभाग ने कोरोना के इलाज को लेकर दी है। कोरोना के इलाज के लिए नियोक्ताओं या फिर किसी शुभचिंतक से प्राप्त वित्तीय मदद पर आयकर छूट की घोषणा की। यह व्यवस्था वित्त वर्ष 2019-20 यानी निर्धारण वर्ष 2020-21 और उसके बाद के वर्षों के लिए लागू होगी।
अनुग्रह राशि पर कर छूट
वहीं, दूसरी छूट ऐसे लोगों मिली है, जिनके परिवार में कोरोना काल में किसी की मौत के बाद नियोक्ता या शुभचिंतकों से मिली अनुग्रह राशि पर कर छूट का फैसला लिया गया है। मृतक के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि पर टैक्स में छूट दी गई है। यदि नियोक्ताओं से प्राप्त होता है,तो छूट बिना किसी ऊपरी सीमा के उपलब्ध है और यदि अन्य से प्राप्त होती है, तो छूट 10 लाख रुपये तक उपलब्ध होगी। वित्तीय वर्ष 2019-20 और उसके बाद के वर्षों के लिए छूट प्रदान की गई है।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT)ने अपने बयान में कहा कि कई करदाताओं को अपने नियोक्ताओं और शुभचिंतकों से कोरोना वायरस के इलाज के लिए किए गए अपने खर्चों को पूरा करने के लिए वित्तीय मदद मिली है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि इस खाते पर कोई आयकर देयता उत्पन्न न हो, वित्त वर्ष 2019 के दौरान करदाता द्वारा चिकित्सा उपचार के लिए नियोक्ता या किसी व्यक्ति से कोविड-19 के उपचार के लिए प्राप्त राशि पर आयकर छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।
मकान खरीदने पर टैक्स में छूट
इसके अलावा विवाद से विश्वास स्कीम के तहत इंट्रेस्ट के बिना पेमेंट की डेडलाइन को भी 2 माह बढ़ा दिया गया है। इसकी डेडलाइन 30 जून थी, जिसे बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया गया है। वहीं मकान खरीदने पर भी टैक्स छूट की मियाद को बढ़ाया गया है। इस मामले में 3 माह का टैक्स डिडक्शन विस्तार दिया गया है। यानी अब घर खरीदार 30 सितंबर तक प्रॉपर्टी की खरीद कर सकते हैं। उन्हें छूट मिलेगी।
Published on:
26 Jun 2021 09:43 pm

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