
Tax Filing Deadline: वित्त वर्ष 2024-25 खत्म होने में 20 दिन ही बचे हैं। मार्च खत्म होते ही टैक्स (Tax) से जुड़ी कई अहम समय-सीमाएं भी पूरी हो जाएंगी, जिनमें टीडीएस भुगतान (TDS), अपडेटेड आइटीआर फाइलिंग (ITR Filing) और अन्य टैक्स दायित्व शामिल हैं। ऐसे में किसी भी तकनीकी गड़बड़ी या पेनल्टी से बचने के लिए समय पर सभी टैक्स संबंधित कार्य पूरा करना जरूरी है।
15 मार्च: एडवांस टैक्स
17 मार्च: टीडीएस सर्टिफिकेट
30 मार्च: चालान-कम-स्टेटमेंट
फरवरी 2025 के लिए सेक्शन 194-1ए, 194-बी, 194एम और 194एस तहत काटे गए टैक्स की रिपोर्टिंग चालान-कम-स्टेटमेंट के जरिए करनी होगी। इसकी अंतिम तारीख 30 मार्च है।
टैक्सपेयर्स के लिए जरूरी है कि वे महत्वपूर्ण टैक्स डेडलाइंस पर नज़र रखें, जिससे सभी दायित्वों को सही समय पर पूरा किया जा सके और अंतिम समय की परेशानी से बचा जा सके। मार्च में कई अहम टैक्स डेडलाइंस हैं, जिन पर ध्यान देना जरूरी है।
इनकम टैक्स से बचने के लिए भारत में कानूनी रूप से कई उपाय उपलब्ध हैं, जो टैक्स बचत के साथ-साथ वित्तीय सुरक्षा और निवेश के अवसर भी प्रदान करते हैं। हम आपको कुछ प्रमुख और वैध तरीके बताते हैं, जो आयकर अधिनियम, 1961 के तहत मान्य हैं।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF): सुरक्षित और लंबी अवधि का निवेश, ब्याज और निकासी पर टैक्स छूट।
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC): सुरक्षित निवेश, ब्याज पर टैक्स छूट।
इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ELSS): म्यूचुअल फंड में निवेश, 3 साल का लॉक-इन पीरियड, अच्छे रिटर्न की संभावना।
जीवन बीमा प्रीमियम: खुद, पति/पत्नी, या बच्चों के लिए जीवन बीमा पॉलिसी का प्रीमियम।
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY): बेटियों के लिए निवेश, टैक्स-मुक्त ब्याज और निकासी।
होम लोन का मूलधन भुगतान: होम लोन के मूलधन की अदायगी पर कटौती।
स्कूल/कॉलेज की ट्यूशन फीस: बच्चों की ट्यूशन फीस (अधिकतम 2 बच्चों के लिए)।
Updated on:
12 Mar 2025 10:08 am
Published on:
12 Mar 2025 09:04 am

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