
सिरेमिक फैक्ट्रियां बंद हो रही हैं। (PC: AI)
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारत के उद्योगों पर भी दिखाई देने लगा है। ईरान- इजरायल संघर्ष के बीच ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने से गुजरात के मोरबी में सिरेमिक उद्योग संकट में आ गया है। गैस सप्लाई बाधित होने के कारण यहां करीब 100 सिरेमिक फैक्ट्रियों का उत्पादन बंद हो गया है, जबकि हालात नहीं सुधरे तो आने वाले दिनों में 400 और यूनिट्स के बंद होने का खतरा जताया जा रहा है। मोरबी शहर टाइल्स के निर्माण के लिए दुनिया भर में जाना जाता है और इसे दुनिया के सबसे बड़े सिरेमिक विनिर्माण केंद्रों में से एक माना जाता है।
उद्योग प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो 20 मार्च तक और सैकड़ों फैक्ट्रियों में ताले लग सकते हैं। इससे उत्पादन के साथ-साथ पूरे उद्योग की सप्लाई चेन प्रभावित होने की आशंका है।
मोरबी सिरेमिक मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज अरवड़िया ने बताया कि पश्चिम एशिया में तनाव के कारण दो दिनों से प्रोपेन गैस की आपूर्ति बाधित हो गई है। सिरेमिक उद्योग का उत्पादन काफी हद तक गैस पर निर्भर करता है, ऐसे में कई फैक्ट्रियों को उत्पादन बंद करना पड़ा है। जिन इकाइयों को गुजरात गैस के माध्यम से गैस मिल रही है, वे अभी सीमित स्तर पर काम कर रही हैं, लेकिन कुल आपूर्ति लगभग 50 प्रतिशत तक घट गई है।
कई फैक्ट्रियों में तैयार माल गोदामों में जमा हो गया है। शिपमेंट में देरी के कारण निर्यात ऑर्डर अटक गए हैं। कुछ विदेशी खरीदारों ने नए ऑर्डर फिलहाल रोक दिए हैं।
मोरबी के सिरेमिक उद्योग में हजारों श्रमिक काम करते हैं। उत्पादन बंद होने से उनके रोजगार पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल कई फैक्ट्रियां कर्मचारियों को बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन यदि संकट लंबा चला तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
Updated on:
07 Mar 2026 03:40 pm
Published on:
07 Mar 2026 03:40 pm
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