20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Xiaomi Vs ED: बैंक खाते सील होने पर मिला स्टे, शाओमी इंडिया का ED के अधिकारियों पर दबाव डाल कर बयान लेने का आरोप

चीनी कंपनी की भारतीय शाखा शाओमी कॉर्पोरेशन ( XIAOMI), इंडिया ने ED यानी भारत के प्रवर्तन निदेशालय पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कोर्ट में दायर किए गए दस्तावेज़ों के हवाले से मीडिया में ये रिपोर्ट आई है। किसी विदेशी कंपनी के भारतीय अधिकारियों पर इस तरह के आरोप लगाने का यह पहला मामला है।

2 min read
Google source verification
ed_acts.jpg

स्मार्टफोन बनाने वाली चीनी कंपनी शाओमी कॉर्पोरेशन ने आरोप लगाया है कि प्रवर्तन निदेशालय ने उसके वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ के दौरान 'मारपीट की धमकी' दी। कोर्ट में दायर किए गए दस्तावेज़ों के हवाले से ये रिपोर्ट सामने आई है। शाओमी की ओर से चार मई को अदालत में जो दस्तावेज़ जमा किए गए हैं, उनमें दावा किया गया है कि प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने कंपनी के पूर्व प्रबंधन निदेशक मनु कुमार जैन, मौजूदा चीफ़ फिनांशियल ऑफ़िसर समीर बीएस राव और उनके परिजनों को अगर एजेंसी की ओर से मांगे गए दस्तावेज़ नहीं पेश किए गए जाने की सूरत में अंजाम भुगतने की चेतावनी दी।

भारतीय बैंक खातों में पड़ी 725 मिलियन डॉलर की रकम कर ली गई थी ज़ब्त

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है। शाओमी के ख़िलाफ़ इस साल फरवरी से ही जांच चल रही है और पिछले हफ़्ते ईडी ने कंपनी के भारतीय बैंक खातों में पड़े 725 मिलियन डॉलर की रकम ज़ब्त कर ली थी। ईडी का दावा है कि शाओमी ने रॉयल्टी के नाम पर अवैध तरीके से बाहर पैसे भेजे हैं। शाओमी ने किसी गलती से इनकार किया है। कंपनी का कहना है कि रॉयल्टी के नाम किया गया भुगतान पूरी तरह से वैध है। कंपनी ने इस आशय का एक ट्वीट भी अपने हैंडल से किया हुआ है।

ईडी के अधिकारियों ने दी धमकी

गुरुवार को कोर्ट में शाओमी के मसले पर सुनवाई हुई जिसमें बैंक खाते सील करने के ईडी के फ़ैसले पर स्टे लगा दिया गया है। शाओमी का ये भी आरोप है कि जब उसके अधिकारी ईडी के सामने अप्रैल के महीने में कई बार पेश हुए तो प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने उन्हें डराया-धमकाया।

कर्नाटक हाई कोर्ट में दायर याचिका में शाओमी की ओर से कहा गया है, मनु कुमार जैन और समीर बीएस राव को कुछ मौकों पर धमकी दी गई... उनसे कहा गया कि अगर उन्होंने एजेंसी की मर्जी के मुताबिक़ बयान नहीं दिए तो गिरफ़्तारी, करियर ख़राब करने और आपराधिक केस और मारपीट के साथ अंजाम भुगतने की धमकी दी गई। बयान में कहा गया है कि कंपनी के अधिकारी कई बार इन दबावों का सामना करने में कामयाब रहे लेकिन आख़िरकार वे झुक गए और उन्होंने अपनी मर्जी के ख़िलाफ़ जाकर कुछ बयान दिए। बता दें , मामला फिलहाल विचाराधीन है।