Biomedical Engineering- भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान प्रयागराज में शुरू हुआ एमटेक...।
Career in Biomedical Engineering. भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) से बीटेक और एमएससी के स्टूडेंट्स अब बायो मेडिकल इंजीनियरिंग में एमटेक की पढ़ाई कर सकेंगे। संस्थान ने नया एमटेक कोर्स डिजाइन किया है। ट्रिपल आईटी ने इसका नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।
ट्रिपल आईटी ने बायोमेडिकल इंजीनियरिंग (biomedical engineering) में एमटेक का नया कोर्स डिजाइन किया है। इसके लिए गेट (GATE) यानी ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (Graduate Aptitude Test In Engineering) जुलाई सत्र से 20 सीटों के लिए एमटेक बायो मेडिकल इंजीनियरिंग में प्रवेश परीक्षा लेगा। इस नए एमटेक बायो मेडिकल इंजीनियरिंग (Mtech) में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया और अपडेट की जानकारी एप्लाइड साइंसेज विभाग की आधिकारिक वेबसाइट iiita.ac.in/ पर हासिल कर सकते हैं।
इंस्टीट्यूट के रजिस्ट्रार डा. सतीश सिंह के मुताबिक बीटेक के अलावा एमएससी कंप्यूटर साइंस, एमएससी (इलेक्ट्रानिक्स), एमएससी आइटी पास अभ्यर्थी भी एमटेक बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में प्रवेश ले पाएंगे। नए कोर्स में खास बात यह है कि बायो मेडिकल इंस्टूमेंटेशन, बायो एमआईएमएस और माइक्रोफ्लुएडिक्स, मेडिकल इमेजिंग, बायो मैटेरियल्स, बायोमैकेनिक्स और बायोइन फारमैटिक्स आदि विषय को भी शामिल किया गया है। इस नए कोर्स का उद्देश्य कुशल प्रोफेशनल्स की नई पीढ़ी को तैयार करना है, जो समाज में प्रभावी योगदान दे सके। वो पीढ़ी अत्याधुनिक कोर्स के जरिए जैव चिकित्सा विज्ञान में आईटी के ज्ञान को विकसित कर सके।
कैसा है इसमें करियर
(Biomedical Engineer kaise bane)
इंजीनियरिंग में कई ब्रांच हैं, इनमें से एक है बायोमेडिकल इंजीनियरिंग। भारत में यह ट्रेंड में है। मेडिकल के क्षेत्र में टेक्नोलाजी का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है। ऐसे में टेकनोलाजी की सहायता से हेल्थ सेक्टर को और अधिक मजबूत करने और इलाज के बेहतर उपाय निकाले जा सकें।
यह है जरूरी
बाये मेडिकल इंजीनियरिंग में करियर बनाने के लिए आपको लेखन कौशल भी जरूरी है। आपको अपनी रिसर्च को सही ढंग से लिखना आना चाहिए। जिससे आप दूसरों को अपनी रिसर्च के बारे में समझा सकें। आपको विज्ञान और तकनीक में रुचि होना चाहिए। आपको पता होना चाहिए कि किस तरह से मेडिकल इंस्ट्रूमेंट बनाए जाते हैं। टेक्निकल ज्ञान के साथ ही कंप्यूटर नालेज, बायेमेडिकल इंजीनियरिंग में कंप्यूटर नालेज भी जरूरी है। कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और साफ्टवेयर डिजाइन की जानकारी होना चाहिए।
इस कोर्स के बाद अच्छी सैलरी
बाये मेडिकल इंजीनियरिंग का क्षेत्र काफी विशाल है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए तकनीकी उपकरणों और उत्पादों का विकास इसमें शामिल है। इंजीनियरों की सैलरी उनकी पढ़ाई, काम करने का प्रकार, कंपनी और अनुभव के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। शुरुआती वेतन 4 लाख से अधिकतम 15 लाख हो सकती है।
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