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भारत में लिंक्डइन ने लॉन्च किया करियर एडवाइस

लिंक्डइन के नए सर्वे के मुताबिक, 25 से 33 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को अपने करियर को सही दिशा देने के लिए पेशेवर संकट का सामना करना पड़ रहा है।

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Jameel Ahmed Khan

Nov 15, 2017

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नई दिल्ली। माइक्रोसॉफ्ट के स्वामित्व वाली पेशेवर नेटवर्किंग साइट लिंक्डइन ने भारत में 'करियर एडवाइसÓ फीचर लॉन्च किया। लिंक्डइन का यह फीचर भारत के अपने 4.5 करोड़ उपयोगकर्ताओं को अनुभवी सलाहकारों से पेशेवर मार्गदर्शन मुहैया कराएगा। इस फीचर को सबसे पहले बेंगलुरू में शुरू किया गया है। इस कदम का उद्देश्य भारत में परामर्शदाताओं की मौजूदा कमी को पूरा करना है।

लिंक्डइन के नए सर्वे के मुताबिक, 25 से 33 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को अपने करियर को सही दिशा देने के लिए पेशेवर संकट का सामना करना पड़ रहा है। अपने शुरुआती 20 और 30 के दशक में 70 फीसदी से अधिक पेशेवरों का कहना है कि वे अपने करियर के अगले कदम पर सलाह लेने के लिए आतुर होते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता है कि सलाह के लिए कहां जाएं।

लिंक्डइन इंडिया के प्रबंधक और उत्पाद प्रमुख अक्षय कोठारी ने कहा, 'करियर एडवाइस' हमारे सदस्यों को नेटवर्क पर अनुभवी लोगों से जुडऩे और उत्पाद विकास, डिजाइन इनपुट से जुड़ी चीजों पर मार्गदर्शन प्राप्त करने की सुविधा देगा। आपकी अगली नौकरी और करियर का अगला कदम क्या होना चाहिए, इसकी भी जानकारी यहां मिलेगी।

सर्वेक्षण में लगभग 58 फीसदी पेशेवरों ने कहा कि उन्होंने अपने करियर में सफल होने के लिए दबाव महसूस किया था। पेशेवरों ने कहा कि नौकरी या करियर को तलाशने को लेकर वे जुनूनी थे और यही उनकी चिंता का पहला कारण था। सर्वेक्षण में लगभग 57 फीसदी पेशेवरों ने अपने पास मार्गदर्शक ढूंढऩे के लिए सही रास्ता न होने की बात स्वीकारी।

दुनिया का सबसे बड़ा ऑनलाइन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए दुनिया का सबसे बड़ा ऑनलाइन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया। डेढ़ वर्ष तक चलने वाले इस कार्यक्रम के लिए 15 लाख स्कूली शिक्षकों ने अपना पंजीकरण करवाया है जिनमें सबसे अधिक ढाई लाख शिक्षक बिहार के हैं। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) द्वारा प्राथमिक शिक्षा में डिप्लोमा कोर्स की शुरुआत मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने की।

जावड़ेकर ने पत्रकारों को बताया कि मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा कानून के तहत गत छह वर्ष में केवल चार लाख शिक्षकों का ही प्रशिक्षण हो पाया था क्योंकि राज्यों में पर्याप्त बी.एड के कॉलेज और सुविधाएं नहीं थी। मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि जब उन्होंने देखा कि 15 लाख शिक्षकों ने अभी तक प्रशिक्षण ही नहीं लिया है तो आरटीई में संशोधन किया गया कि 2019 तक शेष शिक्षकों का प्रशिक्षण हो जाए। सभी राज्यों और अधिकारियों से बात कर यह संशोधन किया गया और शिक्षकों को अंतिम मौका दिया गया कि वे घर बैठे ऑनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त कर लें। वर्ष 2019 के बाद समय नहीं बढ़ाया जाएगा।

इतनी बड़ी संख्या में नहीं हुआ कोई प्रशिक्षण
उन्होंने बताया कि 15 लाख शिक्षकों ने अपना पंजीकरण करा लिया है और इसमें साढ़े बारह लाख शिक्षकों ने पैसे भी जमा करा दिए हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा प्रशिक्षण कार्यक्रम है। किसी एक कोर्स के लिए इतनी बड़ी संख्या में अब तक कोई प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं हुआ है। यह भारत का विश्व रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि इस कोर्स के लिए छह ह•ाार रुपए परीक्षा शुल्क है जिसमें डेढ़ ह•ाार रुपए की छूट भी दी गई है। कोई शिक्षक इन पैसों से दूरदर्शन का डीटीएच लगवा सकता है क्योंकि इस प्रशिक्षण के लिए उसे 1080 लेक्चर सुनने होंगे।

...तो, डेढ़ साल में सुनने होंगे लेक्चर सुनने होंगे
उन्होंने बताया कि जिन शिक्षकों ने प्रशिक्षण नहीं प्राप्त किया है, उन्हें डेढ़ साल के भीतर ये लेक्चर सुनने होंगे। इसका अर्थ हुआ की हर रोज तीन घंटे शिक्षकों को पढऩा होगा। अगर उनका स्कूल सुबह है तो वे स्कूल के समय के बाद इसे सुन सकते हैं। अगर दोपहर का स्कूल है तो वे सुबह इसे सुन सकते हैं। यह सुविधा 24 घंटे मिलेगी। इसके अलावा उन्हें 12-12 दिन की दो कार्यशालाएं भी करनी होंगी।

जिन शिक्षकों के ५० प्रतिशत नंबर नहीं हैं, वे ओपन स्कूल से फिर से परीक्षा दें
उन्होंने यह भी बताया कि इसके लिए एक मोबाइल एप्प भी है और एक वेब रेडियो भी शुरू किया गया है। जावड़ेकर ने यह भी बताया कि जिन शिक्षकों के 50 प्रतिशत नंबर बारहवीं में नहीं आए हैं, वे राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से दोबारा परीक्षा देकर 50 प्रतिशत अंक हासिल करेंगे। ऐसे शिक्षक प्रशिक्षण और बारहवीं परीक्षा के लिए दोबारा पढ़ाई साथ साथ कर सकते हैं। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने यह भी बताया कि जिन शिक्षकों ने बी.एड कर रखा है और वे पहली से पांचवीं कक्षा तक के छात्रों को पढ़ाते हैं, उन्हें छ: माह का ऑनलाइन ब्रिज कोर्स भी करना होगा क्योंकि प्राइमरी कक्षा के छात्रों के लिए विशेष प्रशिक्षण जरूरी है।

उन्होंने बताया की इस ब्रिज कोर्स के लिए पंजीकरण नौ अक्टूबर से शुरू होगा। समारोह में जावड़ेकर ने डिप्लोमा कोर्स का मोबाइल एप्प भी लांच किया। समारोह को मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा, राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय के अध्यक्ष सी बी शर्मा ने भी संबोधित किया। समारोह में विशेष सचिव रीना रे भी मौजूद थीं।