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आस्था केन्द्र मंदिरों को स्वच्छ-सुंदर रखना हमारी जिम्मेदारी: दीपक प्रकाश

काशी से आये विद्वान वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन करते रहे। इस दौरान गर्भगृह में पुष्प वर्षा की गयी। पूरे परिसर में जगह-जगह पर सुंदर सजावट भी की गयी थी। गर्भगृह से सिंहासन, पूजन शुरू हो गया है।

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आस्था केन्द्र मंदिरों को स्वच्छ-सुंदर रखना हमारी जिम्मेदारी: दीपक प्रकाश

आस्था केन्द्र मंदिरों को स्वच्छ-सुंदर रखना हमारी जिम्मेदारी: दीपक प्रकाश

अयोध्या में 22 जनवरी को श्री राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम होने जा रहा है। इससे पहले पूरे देश में उस दिन उत्सव मनाने तैयारी की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 जनवरी मकर संक्रांति से 22 जनवरी तक देश के सभी देवालयों में स्वच्छता अभियान चलाने का आह्वान किये थे। उसी क्रम में गंगानगर, हरमू शिव मंदिर परिसर में भाजपा के पूर्व अध्यक्ष, राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य सह राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने स्वच्छता अभियान में श्रमदान किया।


वर्षों की प्रतीक्षा समाप्त होगी

इस दौरान प्रकाश ने कहा कि 22 जनवरी को वर्षों की प्रतीक्षा समाप्त होने जा रही है। अयोध्या में प्रभु श्री राम भव्य मंदिर में विराजमान होने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्राण-प्रतिष्ठा से पूर्व 22 जनवरी तक देश के तीर्थ स्थानों एवं मंदिरों की साफ-सफाई करने और स्वच्छता का अभियान चलाने की अपील की है। इसके निमित्त आज हरमू के मंदिरों में स्वच्छता अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि हमारे मंदिर हमारी आस्था के केंद्र हैं, उन्हें स्वच्छ और सुंदर रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।


राम मंदिर में मंत्रोच्चार के बीच जारी है अनुष्ठान

उधर, रामनगरी अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच भव्य राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले मंत्रोच्चारण के बीच अनुष्ठान किया जा रहा है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रामलला का नूतन विग्रह रामजन्मभूमि परिसर में पहुंचा, जिसे गणेशाम्बिका पूजन, वरुण पूजन, चतुर्वेदोक्त पुण्याह वाचन, मातृका पूजन, वसोर्धारा पूजन (सप्तघृत मातृका पूजन), आयुव्यमन्त्र जप, नान्दी श्राद्ध, आचार्यादि ऋत्विग्वरण, मधुपर्क पूजन, मण्डप प्रवेश, पृथ्वी-कूर्म-अनन्त-वराह-यज्ञभूमि पूजन, दिग्रक्षण, पंचगव्य प्रोक्षण, मण्डपांग वास्तु पूजन, वास्तु बलिदान, मण्डप सूत्र वेष्टन, दुग्ध धारा, जलधारा करण, षोडश स्तम्भ पूजनादि, मण्डप पूजा (तोरण, द्वार, ध्वज, आयुध, पताका, दिक्पाल, द्वारपालादि पूजा), मूर्ति का जलाधिवास, गन्धादिवास, सायंकालिक मंत्रोच्चारण के द्वारा पूजन किया जा रहा है।


गर्भगृह पर पुष्प वर्षा कर प्रवेश करवाया

बुधवार देर रात श्रीरामलला की रजत प्रतिमा को पालकी में विराजमान कर श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य एवं यजमान डा. अनिल मिश्रा ने जन्मभूमि परिसर का भ्रमण कराया, जिसमें काशी से आये विद्वान वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन करते रहे। इस दौरान गर्भगृह में पुष्प वर्षा की गयी। पूरे परिसर में जगह-जगह पर सुंदर सजावट भी की गयी थी। गर्भगृह से सिंहासन, पूजन शुरू हो गया है।

हनुमानगढ़ी मंदिर पहुंची प्रतिमा

रामसेवकपुरम् से बंद डीसीएम में विग्रह को रखकर रामजन्मभूमि के गेट नं. दो से प्रवेश कराया गया था। मूर्तिकार अरुण योगीराज के द्वारा तराशी गयी 51 इंच की प्रतिमा श्याम रंग की है, जिसका वजन दो टन बताया गया है। फिलहाल प्रतिमा को अभी ढका गया है। प्रतिमा धर्म पथ, राम पथ और भक्ति पथ से होती हुयी प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर पहुंची, इसके बाद दशरथ महल के रास्ते रंगमहल से होते हुए रामजन्मभूमि परिसर के गेट पर पहुंची।जगह-जगह श्रद्धालुओं ने फूलों से वर्षा कर अपने भगवान का स्वागत किया था और जय श्री राम के जयकारे लगाया था।