
Dr. Ved Pratap Vaidik file photo
(चंडीगढ): वरिष्ठ पत्रकार डॉ वेद प्रताप वैदिक ने शनिवार को यहां कहा कि कश्मीरी आतंकवादियों के सफाये के लिए हॉट परसूट अपनाया जाना चाहिए। हॉट परसूट का मतलब है ठेठ तक पीछा करना। उन्होंने कहा कि अन्तरराष्ट्रीय कानून इसकी इजाजत देता है।
डॉ वैदिक ने चंडीगढ प्रेस क्लब में आयोजित मीट द प्रेस कार्यक्रम में देश में मौजूद कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि आतंकवादी अगर अपराध करके पाकिस्तान लौट जाते है तो उनका पीछा करते हुए वहीं सफाया किया जाना चाहिए। अन्तरराष्ट्रीय कानून में यह व्यवस्था है कि यदि कोई अपराध कर दूसरे देश चला जाता है तो पहले देश को वहां जाकर कार्रवाई का अधिकार है।
संसदीय लोकतंत्र में राजनीतिक दलों द्वारा बढ-चढ कर किए जाने वाले चुनावी वायदों को सत्ता में आने के बाद पूरा न किए जाने की बढती प्रवृत्ति पर डॉ वैदिक ने कहा कि इस तरह के हालात अराजकता का खतरा पैदा कर रहे है। उन्होंने कहा कि केन्द्र की मौजूदा सरकार से उम्मीद थी कि वह 70 साल बाद नए भारत का निर्माण करेगी और देश महाशक्ति बन जाएगा लेकिन कोई चमत्कारी काम नहीं हुआ। अब आगे भी आने वाली गठबंन्धन की सरकार कुछ नहीं कर पायेगी। देश में लोकतंत्र नाजुक दौर से गुजर रहा है। मुंबई हमले से ज्यादा पुलवामा हमले ने देश को प्रभावित किया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से यदि आतंकवादी काबू में नहीं आ रहे तो उन्हें भारत सरकार के साथ मिलकर कार्रवाई करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाली धारा 370 समाप्त कर देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि रफाल विमान सौदे में कोई रिश्वत नहीं ली गई तो खुलासा करने में डर क्यों है? इस सवाल पर कि क्या इस सौदे की जांच संयुक्त संसदीय समिति से कराई जाना चाहिए? डॉ वैदिक ने कहा कि अगर मैं सत्ता में होता तो संयुक्त संसदीय समिति की जांच आठ दिन में पूरी करवा देता। हालांकि संयुक्त संसदीय समिति से कराए जाने वाली जांच राजनीति करने का मौका देती है। अयोध्या में रामजन्म भूमि निर्माण के मुद्दे पर डॉ वैदिक ने कहा कि ऐतिहासिक नजरिए की कमी से इसे साम्पदायिकता का मुद्दा बताया जाता है। वास्तव में यह देशी और विदेशी का मुद्दा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चौथ स्तम्भ प्रेस सबसे ज्यादा अहम् है।
Published on:
23 Feb 2019 10:17 pm
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