Premalatha from Madurai: मौके Human Rights Council Social Forum का इस्तेमाल करूंगी और United Nations यूनाइटेड नेशन्स Geneva में इस बारे में बात करूंगी।
मदुरै.
मदुरै में वकालत पढऩे वाली 21 साल की प्रेमलता तमिलसेल्वन पर गर्व होगा क्योंकि उसनेे विश्व में देश का नाम रोशन किया है। प्रेमलता को मंगलवार से हो रहे यूनाइटेड नेशन्स ह्यूमन राइट्स काउंसिल सोशल फोरम में भाषण के लिए आंमत्रित किया गया है।
सपना सच होने जैसा
प्रेमलता ने कहा कि यह उसका सपना सच होने जैसा है। वह पहली बार देश के बाहर जा रही है और वह भी ऐसे फोरम में जहां दुनिया के सभी देशों से प्रतिनिधि मौजूद होंगे। हमारे देश में कई जातियां हैं।
इन जातियों के लोगों को समान अवसरों के लिए कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मैं इस मौके का इस्तेमाल करूंगी और यूनाइटेड नेशन्स में इस बारे में बात करूंगी।
जातियों में भेदभाव पर बात करेंगी
इस फोरम का आयोजन जेनेवा में किया जा रहा है। प्रेमलता ने बताया है कि इस मौके का फायदा उठाएंगी और जातियों में भेदभाव के कारण होने वाली परेशानियों पर बात करेंगी। अ पाथ टू डिग्निटी: द पावर ऑफ ह्यूमन राइट्स एजुकेशन नाम की इस डॉक्युमेंट्री की स्क्रीनिंग के मौके पर वह फोरम को संबोधित करेंगी।
यूनाइटेड नेशन्स हाई कमिश्नर फॉर ह्यूमन राइट्स ने उनकी डॉक्युमेंट्री को प्रड्यूस किया है। उन्होंने इस बारे में कहा है। वह कानून पढऩा चाहती हैं ताकि सामाजिक मुद्दों पर काम कर सकें लेकिन कई बार उन्हें ये मौके नहीं दिए गए।