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तमिलनाडु अंगदान में फिर अव्वल, मिला सर्वश्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार

- दिल्ली में 13वां भारतीय अंगदान दिवस समारोह मनाया गया

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तमिलनाडु अंगदान में फिर अव्वल, मिला सर्वश्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार

तमिलनाडु अंगदान में फिर अव्वल, मिला सर्वश्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार

चेन्नई.

तमिलनाडु अंगदान के मामले में लगातार शीर्ष पर बना हुआ है और 1,705 लोगों ने अपने अंगदान कर 6,247 लोगों का जीवन बचाया है। राज्य के चिकित्सा एवं परिवार कल्याण मंत्री एमए सुब्रमण्यन ने गुरुवार को यह जानकारी दी। उन्होंने दावा किया कि बढ़ती जागरूकता और पारदर्शी अंग आवंटन नीति समेत विभिन्न कारणों से तमिलनाडु को गुरुवार को राष्ट्रीय स्तर पर अंग दान के मामले में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य का पुरस्कार मिला।

6,247 लोगों का जीवन बचाया
सुब्रमण्यन ने राज्य के स्वास्थ्य सचिव गगनदीप सिंह बेदी के साथ दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया से पुरस्कार ग्रहण करने के बाद कहा कि 2008 के बाद से 1,705 लोगों ने अपने अंगदान किए हैं। इस दौरान 786 हृदय, 801 फेफड़े, 1,565 यकृत और 3,046 गुर्दे, 37 अग्नाशय, छोटी आंत और अन्य अंगों का प्रतिरोपण किया गया, जिससे अब तक 6,247 लोगों का जीवन बचाया गया। अंगदान करने वालों के परिवारों के सम्मान में राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 13वें भारतीय अंग दान दिवस (आईओडीडी) समारोह में राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रतिरोपण संगठन (एनओटीटीओ) पुरस्कार प्रदान किया गया।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, राज्य में उच्च जागरूकता स्तर के कारण अंगदान के मामले में सफलता मिली है। यहां तक कि हमारे मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और उनकी पत्नी ने भी अपने अंग दान करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 40 सरकारी अस्पतालों और 120 निजी अस्पतालों को अंग प्रतिरोपण लाइसेंस प्रदान किए गए हैं। मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत भी प्रत्यारोपण किए गए हैं। सुब्रमण्यन ने कहा कि पिछले दो वर्षों में 292 लोगों ने अंगदान किए, जिससे 1,062 लोगों को लाभ हुआ। समारोह में केंद्रीय मंत्री ने अंग दाताओं के परिवारों और नागरिक समाज के सदस्यों की सराहना की।

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