महानगर में अनेक हाई ऐसी हैं जिनकी चौड़ाई केवल दो या तीन लेन की है। इन सडक़ों पर एमटीसी बसों का भी आवागमन होता है। आश्चर्य की बात यह है कि रोड की...
चेन्नई।महानगर में अनेक हाई ऐसी हैं जिनकी चौड़ाई केवल दो या तीन लेन की है। इन सडक़ों पर एमटीसी बसों का भी आवागमन होता है। आश्चर्य की बात यह है कि रोड की चौड़ाई कम होने के बावजूद उनके दोनों ओर वाहनों की पार्किंग कर दी जाती है जिससे वे और सिकुड़ जाती हैं। ऐसे में जब बसों का आवागमन होता है तो निकलने की जगह नहीं मिलने के कारण उनके पीछे वाहनों की कतारें लग जाती हैं।
ऐसी सडक़ों में ट्रिप्लीकेन हाई रोड, रायपेट्टा हाई रोड, वेलचेरी हाई रोड, डा. बेसेंट रोड, जनरल पीटर रोड, पेरम्बूर बैरेक्स रोड एवं चूलै हाई रोड समेत अनेक प्रमुख सडक़ें शामिल हैं।
इन सडक़ों की हालत यह है कि इन पर हमेशा जाम की हालत रहती है। जाम लगने का कारण मालूम होने के बावजूद पुलिस इन सडक़ों की साइड में पार्क किए गए वाहनों का हटाने का प्रयास नहीं करती। यही कारण है कि इनके कारण लगने वाले जाम का खामियाजा जाम में फंसने वाले वाहन चालकों को भुगतना पड़ता है जिनका ढेर सारा समय बर्बाद हो जाता है।
ट्रिप्लीकेन हाई रोड जो वालाजा रोड से निकलकर ट्रिप्लीकेन के बीच से होती हुई राधाकृष्णन सालै से जुड़ती है जो बीच रोड में जाकर मिलती है। इस रोड पर अनेक नंबर की एमटीसी बसों का भी आवागमन होता है जिनके बीच में बस स्टॉप भी बने हुए हैं जिन पर इनका ठहराव है। जब बस स्टॉप पर बस रुकती है तो पीछे वाहनों की कतार लग जाती है। इस रोड की सवेरे से रात तक हालत यह रहती है कि वाहन चालक थोड़ा भी चूक जाए तो दुर्घटना का शिकार हो जाए।
यहां के निवासियों का कहना है कि इन इलाके में जाम लगने की मुख्य वजह प्रमुख मार्ग और स्ट्रीट्स में किया गया अतिक्रमण है। ट्रिप्लीकेन हाई रोड महानगर के कई प्रमुख मार्गों से जुड़ी हुई है। संकरी होने के बावजूद इस रोड पर करीब ३ किलोमीटर की दूरी तक दुपहिया और चौपहिया वाहनों की पार्किंग की जाती है जिससे यह मार्ग बिलकुल सिकुड़ गया है।सवेरे एवं शाम को पीक अवर्स में तो हालत यह है कि वाहन चालकों को लंबे समय तक जाम में फंसे रहना पड़ता है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार यहां से मरीना बीच, विवेकानंद हाउस, ट्रिप्लीकेन मस्जिद, राधाकृष्णन सालै और मईलापुर एमआरटीएस रेलवे स्टेशन जैसे मुख्य स्थल जुड़े होने के कारण वाहनों का भारी दबाव हमेशा बना रहता है। इस संकरी रोड के किनारे वाहन पार्किंग कोढ़ में खाज का काम करती है। और तो और, यहां की गलियां भी पूरी तरह वाहनों से पटी रहती है जिससे उनमें से भी वाहन निकालना टेढ़ी खीर होती है। लोग काफी जद्दोजहद के बाद ही गंतव्य पर पहुंच पाते हैं। खासकर डा.बेसेंट रोड, पीटर्स रोड, वीएम स्ट्रीट और जान ए जहान खान स्ट्रीट की हालत काफी खराब रहती है।