3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

250 सीटर मेडिकल कॉलेज पर खर्च होंगे 300 करोड़, अस्पताल के लिए अलग से मिलेगी राशि

मेडिकल कॉलेज का निर्माण इस वर्ष सितंबर तक पूरा हो जाएगा। इस कॉलेज के साथ एक 1150 बिस्तर वाला अस्पताल भी बनने जा रहा है, जिसकी स्वीकृति अभी लंबित है। हालांकि, मेडिकल कॉलेज को मान्यता तभी मिलेगी, जब अस्पताल का निर्माण पूर्ण होगा।

2 min read
Google source verification
chhatarpur medical college

निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज भवन

छतरपुर. मेडिकल कॉलेज का निर्माण इस वर्ष सितंबर तक पूरा हो जाएगा। इस कॉलेज के साथ एक 1150 बिस्तर वाला अस्पताल भी बनने जा रहा है, जिसकी स्वीकृति अभी लंबित है। हालांकि, मेडिकल कॉलेज को मान्यता तभी मिलेगी, जब अस्पताल का निर्माण पूर्ण होगा। यदि अस्पताल की मंजूरी में देर होती है, तो जिला अस्पताल को अस्थायी रूप से अटैच किया जा सकता है।

मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए 300 करोड़ रुपए की लागत निर्धारित की गई है, और यह कॉलेज 250 सीटों के साथ स्थापित होगा। यह बुंदेलखंड क्षेत्र का दूसरा मेडिकल कॉलेज होगा, पहले सागर में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित हुआ है। इस मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है और वर्तमान में 11 ब्लॉकों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 10 ब्लॉकों का कार्य जारी है।

ग्रीन कैंपस के साथ अत्याधुनिक सुविधाएं


इस मेडिकल कॉलेज का ग्रीन कैंपस होगा, जिसमें पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए कई पहलुओं को अपनाया गया है। कॉलेज परिसर में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जा रहा है, जिससे पानी का पुन: उपयोग किया जा सके। इसके अलावा, सोलर सिस्टम से बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, ताकि बिजली की समस्या से निजात मिल सके। पूरे परिसर में हरियाली और प्राकृतिक वेंटिलेशन का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा, जिससे छात्रों और मरीजों को स्वच्छ हवा और एक आरामदायक वातावरण मिल सके।

5 साल बाद साकार होगा सपना


यह मेडिकल कॉलेज बनाने का सपना लगभग 5 साल पुराना है। 2018 में तत्कालीन भाजपा सरकार के दौरान इस कॉलेज को स्वीकृति मिली थी और 300 करोड़ रुपए के बजट का भी आवंटन किया गया था। उस समय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस कॉलेज की आधारशिला रखी थी। हालांकि, सरकार बदलने के बाद इस परियोजना में कुछ समय के लिए रुकावट आई, लेकिन फिर से भाजपा के सत्ता में आने के बाद इस परियोजना को गति मिली। अब इसके निर्माण कार्य के पूरा होने और अस्पताल की स्वीकृति के बाद, मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

मेडिकल कॉलेज में होंगी ये सुविधाएं


कॉलेज परिसर में कई आधुनिक सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें मुख्य बिल्डिंग, स्पोट्र्स काम्प्लेक्स, गल्र्स हॉस्टल, बॉयज हॉस्टल, प्रोफेसर क्वार्टर, रेसिडेंट डॉक्टर हॉस्टल, इंटन्र्स हॉस्टल और एक कॉमर्शियल सेंटर शामिल है। इसके अलावा, कॉलेज में नेचुरल वेंटिलेशन के लिए प्रावधान किए गए हैं और सोलर सिस्टम से बिजली की आपूर्ति की जाएगी।

1200 कर्मचारियों की होगी नियुक्ति


इस मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए लगभग 1200 कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी, जिनमें 155 टीचिंग स्टाफ (प्रोफेसर, लेक्चरर) होंगे। इसके अलावा पैरामेडिकल स्टाफ, क्लेरिकल स्टाफ और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की भी नियुक्ति की जाएगी। यह मेडिकल कॉलेज जिले के स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा और छात्रों को उच्च स्तर की चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

सितंबर 2025 के बाद कॉलेज के संचालन की उम्मीद


मेडिकल कॉलेज के निर्माण संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं, और अब केवल डीन की नियुक्ति का इंतजार है। पिछले कुछ समय से बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर के डीन को अतिरिक्त चार्ज दिया गया था, लेकिन अब डीन की स्थायी नियुक्ति जून 2025 तक होने की उम्मीद है। वहीं, सितंबर 2025 के बाद कॉलेज संचालन की उम्मीद है। इस मेडिकल कॉलेज के चालू होने से छतरपुर और आसपास के इलाकों में चिकित्सा सेवाओं में गुणात्मक सुधार होगा, और विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा का एक बेहतरीन केंद्र मिलेगा। इसके साथ ही, जिले के अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित होगा।

Story Loader

बड़ी खबरें

View All

छतरपुर

मध्य प्रदेश न्यूज़

ट्रेंडिंग