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ट्रक और बस की क्रॉसिंग के दौरान बस यात्री का हाथ सिर कटा, इलाज के दौरान मौत

सिविल थाना क्षेत्र के रेलवे स्टेशन के पास की घटना, बस और ट्रक की क्रासिंग के दौरान हुआ हादसा

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Bus passenger's hand cut during the crossing of truck and bus death

Bus passenger's hand cut during the crossing of truck and bus death

छतरपुर। मऊरानीपुर से बमीठा अपने मामा के घर अपने भाई के साथ जा रहा एक युवक रास्ते में रास्ते में हुई एक दिल को झकझोर देने वाली घटना का शिकार हो गया। वह अपने मामा यहां न पहुंचकर ऊपर वाले के पास चला गया। वहीं घटना को देख बस में बैठे लोग और आस पास के लोगों हक्का बक्का रह गए। घटना में ट्रक की टक्कर से बस में सवार युवक का एक हाथ और आधा सिर कट गया। जिससे बस में सवार लोगों में चीख पुकार मच गई। यह देख बस को रोका गया और गंभीर रूप से घायल युवक को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। जहां पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार यूपी के झांसी जिला के मऊरानीपुर निवासी आशिफ खान (१८) पिता मोहम्मद रज्जाक गुरुवार को अपने भाई परवेज के साथ में अपने मामा के यहां बमीठा आ रहा था। वह गुरुवार को सुबह मऊरानीपुर से छतपुर जाने वाली बस में बैठा और छतरपुर में बस की बदली की। वह अपने भाई के साथ खजुराहो जाने वाली बस में बैठ गया। तभी करीब १०.३० बजे रास्ते में रेलवे स्टैशन के आगे निकलते ही सामने से आ रहे राजपूत ट्रांसपोर्ट के ट्रक ने बस में पीछे से टक्कर मार दी। जिससे बस में पीछे की सीट में हाथ और सिर निकाले बैठे आशिफ का एक हाथ और आधा सिर कट गया। घटना को देख बस में चीख पुकार मच गई। घटना के बाद ट्रक चालक संतोष रैकवार ट्रक को लेकर मौके से फरार हो गया। घअना को देख आनन फानन में बस को रोक घायल को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। जहां पर काफी देर तक कोई डॉक्टर नहीं आया। काफी देर बाद आए डॉक्टर द्वारा इलाज शुरू किया गया लेकिन इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

समय से इलाज मिलता तो बच जाती युवक की जान
मृतक के भाई परवेज ने बताया कि घटना में उसका भाई गंभीर रूप से घायल हो गया था। जिसपर उसे आनन फानन में इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। जहां पर ओटी मैं कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। परवेज ने आरोप लगाया कि अगर उसके भाई आशिफ को समय पर सही इलाज मिलता तो उसकी जान बच सकती थी।


इनका कहना है
कोई भी घटना में नर्श कट जाने से खून अधिक बह जाता है और इस घटना में युवक की काफी अधिक ब्लीडिंग हो गई थी। जिससे उसकी मौत हो गई। डॉक्टर सही समय पर पहुंचे थे।
डॉ. वीपी शेषा प्रभारी सिविल सर्जन

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