श्रीलंका के कोलंबो स्थित आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए महिला त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को 97 रनों से हराया। इसी मैच में क्रांति ने टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया और अपने पहले ही मैच में शानदार गेंदबाजी कर सभी का ध्यान खींचा।
छतरपुर. जिले के छोटे से कस्बे घुवारा की बेटी क्रांति गौड़ ने रविवार को अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की ऐतिहासिक शुरुआत करते हुए देश, प्रदेश और पूरे बुंदेलखंड का नाम रोशन किया। श्रीलंका के कोलंबो स्थित आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए महिला त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को 97 रनों से हराया। इसी मैच में क्रांति ने टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया और अपने पहले ही मैच में शानदार गेंदबाजी कर सभी का ध्यान खींचा।
टीम की सीनियर खिलाड़ी स्मृति मंधाना ने क्रांति को डेब्यू कैप देकर भारतीय महिला टीम का हिस्सा बनाया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 342 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसमें मंधाना की 116 रनों की शतकीय पारी के साथ हरलीन देओल (47), जेमिमा रोड्रिग्स (44) और हरमनप्रीत कौर (42) का अहम योगदान रहा।जवाब में श्रीलंका की टीम 245 रनों पर ढेर हो गई। क्रांति गौड़ ने 5 ओवर में मात्र 22 रन खर्च करते हुए दबाव बनाया और श्रीलंका की कप्तान चमारी अट्टापट्टू तथा स्टार बल्लेबाज नीलाक्षी डी सिल्वा को अपनी सटीक गेंदबाजी से परेशान किया।
क्रांति गौड़ की इस उपलब्धि से न केवल घुवारा बल्कि छतरपुर, बुंदेलखंड और पूरा मध्यप्रदेश गौरवान्वित है। लोगों ने इसे बुंदेलखंड की बेटी का कमाल बताया और सोशल मीडिया पर बधाइयों की बाढ़ आ गई। खेल प्रेमियों और समाजसेवियों ने क्रांति की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हर बेटी के लिए प्रेरणा बताया।क्रांति के इस प्रदर्शन से 2025 महिला क्रिकेट विश्व कप से पहले टीम इंडिया को एक मजबूत गेंदबाज मिल गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि उनका यह डेब्यू टीम की डेथ ओवर गेंदबाजी में नई ऊर्जा और विकल्प प्रदान करेगा।