
संवेदी पार्क
छतरपुर. शहर के सिंचाई कॉलोनी क्षेत्र में दिव्यांगजनों के लिए विशेष रूप से तैयार किया जा रहा अत्याधुनिक संवेदी पार्क दो माह के भीतर बनकर तैयार हो जाएगा। करीब दो एकड़ क्षेत्र में निर्माणाधीन यह पार्क मध्यप्रदेश का पहला ऐसा पार्क होगा, जिसे विशेष रूप से दिव्यांगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया जा रहा है। पार्क का निर्माण कार्य तेज़ी से अंतिम चरण में पहुंच चुका है और इसे पूरी तरह व्हीलचेयर फ्रेंडली बनाया जा रहा है, जिससे दिव्यांगजन बिना किसी बाधा के पूरे परिसर का भ्रमण कर सकें।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी राजीव सिंह के अनुसार पार्क को लगभग 20 से अधिक थीम आधारित ज़ोन में विभाजित किया गया है, जिनमें साइंस गार्डन, वाटर गार्डन, आध्यात्मिक क्षेत्र, डिजिटल एजुकेशनल ज़ोन, नवग्रह नक्षत्र उद्यान और सेंसरी एरिया जैसे आकर्षक एवं उपयोगी स्थान शामिल हैं। पार्क की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि इसमें चलने, सुनने और देखने में अक्षम व्यक्तियों के लिए आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। दृष्टिबाधितों के लिए विजुअल इम्पेयर्ड ज़ोन में ब्रेल संकेतक और ऑडियो गाइडिंग सिस्टम की व्यवस्था की जा रही है, वहीं सुनने में अक्षम व्यक्तियों के लिए विशेष यंत्रों की मदद से ध्वनि को समझने में सहायता दी जाएगी।
पार्क में ऑटिज्म व याददाश्त की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए एक अलग शांत और सुरक्षित ज़ोन तैयार किया जा रहा है। बैठने के लिए आधुनिक कुर्सियां, दिव्यांगों के लिए विशेष झूले और आकर्षक पाथवे तैयार किए जा रहे हैं। पार्क की संकल्पना को केन्द्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय से मंजूरी मिली है और इसके निर्माण की निगरानी स्वयं कलेक्टर पार्थ जैसवाल कर रहे हैं।
पार्क में न सिर्फ दिव्यांगजनों के लिए, बल्कि बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए भी विशेष सुविधाएं रहेंगी। गर्भवती माताओं के लिए आरामदायक जोन, बच्चों के खेलने की सुरक्षित जगह और बुजुर्गों के लिए ध्यान-योग जैसे शांत वातावरण वाले हिस्से बनाए जा रहे हैं। सभी ज़ोन पूरी तरह सुलभ और आरामदायक होंगे, ताकि हर वर्ग के लोग अपनी ज़रूरत और सुविधा के अनुसार समय व्यतीत कर सकें।
इस संवेदी पार्क को तैयार करने का उद्देश्य न केवल दिव्यांगजनों को सामाजिक समावेशन की मुख्यधारा में लाना है, बल्कि उन्हें एक ऐसा सुरक्षित, आत्मनिर्भर और सशक्त वातावरण प्रदान करना है, जिसमें वे बिना किसी संकोच के अपनी भावनाओं और क्षमताओं को व्यक्त कर सकें। छतरपुर के लिए यह पार्क न सिर्फ एक बड़ी उपलब्धि साबित होगा, बल्कि प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी एक प्रेरणा बन सकता है। संभावना है कि यह पार्क आगामी दो माह के भीतर पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा और इसके बाद यह छतरपुर जिले की पहचान का नया प्रतीक बनेगा, जहां हर वर्ग के लोग समानता और सुविधा के साथ समय व्यतीत कर सकेंगे।
Published on:
25 Apr 2025 10:28 am

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