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10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा में बदलाव, 40% आएंगे बहुविकल्पीय प्रश्न

10th and 12th board exams: मंडल का कहना है कि इस बदलाव से छात्रों के पास होने की संभावना बढ़ेगी और बोर्ड परीक्षा के परिणामों में सुधार आएगा।

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17 मार्च से 8वीं की वार्षिक परीक्षा! उसी समय शिक्षकों की ट्रेनिंग... व्यवस्था पर उठा सवाल(photo-patrika)

17 मार्च से 8वीं की वार्षिक परीक्षा! उसी समय शिक्षकों की ट्रेनिंग... व्यवस्था पर उठा सवाल(photo-patrika)

10th and 12th board exams: माध्यमिक शिक्षा मंडल ने दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणाम सुधारने और छात्रों के लिए परीक्षा को सरल बनाने के उद्देश्य से परीक्षा पैटर्न में बदलाव किया है। नए परीक्षा पैटर्न का ब्लू प्रिंट मंडल की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है, जिससे छात्र अभी से अपनी तैयारी नए स्वरूप के अनुसार कर सकें।

मंडल ने इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों और प्राचार्यों के साथ ऑनलाइन बैठक आयोजित कर सभी को नए पैटर्न की जानकारी दी। अब दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों में वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का प्रतिशत बढ़ाकर चालीस प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि पहले यह पच्चीस प्रतिशत था। इससे छात्रों को लंबे उत्तर लिखने की बाध्यता कम होगी और परीक्षा अपेक्षाकृत सरल बन सकेगी।

परिणामों में सुधार आएगा...

मंडल का कहना है कि इस बदलाव से छात्रों के पास होने की संभावना बढ़ेगी और बोर्ड परीक्षा के परिणामों में सुधार आएगा। हाईस्कूल और हायर सेकंडरी में मूल्यांकन व्यवस्था पहले की तरह ही रहेगी। सामान्य विषयों में सैद्धांतिक अंकों की संख्या अस्सी और प्रायोगिक बीस अंक रखी गई है। प्रायोगिक विषयों में सैद्धांतिक सत्तर और प्रायोगिक तीस अंक होंगे। बोर्ड परीक्षा में पास होने के लिए न्यूनतम अंक की सीमा पहले की तरह तैंतीस प्रतिशत रहेगी।

इस तरह निर्धारित हुए प्रश्नों के प्रतिशत

अब सभी सैद्धांतिक प्रश्नपत्रों में चालीस प्रतिशत वस्तुनिष्ठ प्रश्न, चालीस प्रतिशत विषय आधारित प्रश्न और बीस प्रतिशत वर्णनात्मक प्रश्न शामिल होंगे। व्यावसायिक, एनएसक्यूएफ और डीएलएड पाठ्यक्रमों में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया गया है। इसके अलावा भारतीय संगीत विषय में भी प्रश्नपत्रों के स्वरूप को अलग किया गया है। सत्र 2020-21 से कक्षा नौवीं और ग्यारहवीं तथा 2022-23 से कक्षा दसवीं और बारहवीं में गायन-वादन और तबला-पखावज के लिए अलग-अलग प्रश्नपत्र लागू किए गए हैं।

मंडल का कहना है कि नए परीक्षा पैटर्न से छात्रों को तैयारी में स्पष्ट दिशा मिलेगी, परीक्षा के दौरान आत्मविश्वास बढ़ेगा और बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद बढ़ेगी। जिला शिक्षा अधिकारी एएस पांडेय ने बताया कि प्रचार्यो के जरिए नए पैटर्न की जानकारी छात्रों को दी गई है। नए पैटर्न के हिसाब से उन्हें अभ्यास भी कराया जाएगा।

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