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छतरपुर

आदिवर्त में सजी बुंदेली लोकगीत की महफिल

स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुति ने बांधा समा

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छतरपुर. खजुराहो के आदिवर्त संग्रहालय में बुंदेली लोक परंपरा पर आधारित कार्यक्रम मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित किए जा रहे हैं। इसके तहत बुंदेली गायन नृत्य, नाट्य व वादन पर केंद्रित समारोह ‘देशज प्रस्तुतियां आयोजित की जा रही है। इसमें रविवार रात बेहतरीन प्रस्तुतियां दी। संजू शबनम एवं साथी खजुराहो द्वारा बुंदेली लोक गीत की शानदार प्रस्तुतियां दी।

प्रस्तुति के दौरान कलाकारों ने चौकडिया वंदना, यूगल गीत, ओजू काया विगर गओ, सुनो हो गोरी नैन, काहे रुठी रिसानो गीतों की शानदार प्रस्तुति प्रदान की। इसका उपस्थित रसिक श्रोताओं ने तालियां बजाकर उनका खूब उत्साह वर्धन किया।

प्रस्तुति के दौरान मंच पर संजू शबनम, भारती आरोरा, देशराज पटेल, परशुराम यादव, रामज मिश्रा, देवांश खरे, मुन्ना विश्वकर्मा, राहुल पटेल, कल्लू सेन, विनोद यादव, कलाकार उपस्थिति रहे। इसी कड़ी में आगे गुदुंब बाजा नृत्य की प्रस्तुति कमलेश प्रसाद एवं साथियों (अनूपपुर) ने की।

गुदुंब बाजा नृत्य में कमलेश प्रसाद, शिवप्रसाद, सज्जन कुमार धुर्वे, वीर बहादुर धुर्वे, चंद्र मार्को, ईश्वर मरावी, रमेश धुर्वे, विनय कुमार मार्को, मुकेश कुमार, दिलीप कुमार, हेमचंद्र धुर्वे, झीप कुमार, चंद्रमणि, छोटा रामप्रताप कलाकार मंच पर उपस्थित रहे। अगली प्रस्तुति 18 जून को राजेश तिवारी (छतरपुर) की ओर से बुंदेली लोक गायन एवं दयाराम रतुरिया (डिण्डोरी) ने बैगा जनजातीय नृत्य प्रस्तुती की जाएगी।

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