
पीएम किसान समृद्धि केन्द्र
छतरपुर. किसानों को कृषि संसाधनों और जानकारियों के लिए अब विभिन्न विभागों और सोसायटियों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। राज्य सरकार ने जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में 'पीएम किसान समृद्धि केंद्र' खोलने का निर्णय लिया है, जो वन-स्टॉप सेंटर के रूप में कार्य करेंगे। इन केंद्रों पर किसानों को खाद, बीज, मिट्टी परीक्षण, खेती की आधुनिक तकनीकों, और शासकीय योजनाओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी। साथ ही, कस्टम हायरिंग सेंटर्स से जोडकऱ यहां से छोटे-बड़े कृषि उपकरण किराए पर भी दिए जाएंगे।
किसानों को खेती के लिए आवश्यक सभी संसाधन एक ही स्थान पर मिलेंगे, जिससे समय और अतिरिक्त खर्च की बचत होगी। प्रत्येक केंद्र पर प्रगतिशील किसानों का एक समूह बनाया जाएगा, जो अन्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण सामग्री और आधुनिक तकनीक के उपयोग में सहयोग करेंगे। केंद्रों पर एक हेल्प डेस्क होगी, जहां किसानों को मिट्टी परीक्षण, पोषक तत्वों की जानकारी, और मौसम पूर्वानुमान संबंधी सलाह दी जाएगी। किसानों को फसल बीमा, ड्रोन तकनीक, और अधिक उत्पादन के लिए खेती के पैटर्न से संबंधित सलाह भी दी जाएगी।
कृषि विभाग के उप संचालक, कबीर कृष्ण वैद्य ने बताया कि, जैसे ही कृषि संचालनालय से गाइडलाइन मिलती हैं, केंद्र खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इन केंद्रों का उद्देश्य किसानों को खेती से जुड़ी हर जरूरी जानकारी और संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी उपज को बेहतर बना सकें। इस पहल से छतरपुर जिले के किसानों को खेती के लिए आवश्यक संसाधन और सहायता आसानी से मिल सकेगी, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता और लाभ दोनों में वृद्धि की उम्मीद है।
केंद्र सरकार के द्वारा किसानों की कमाई बढ़ाने के लिए सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना के साथ पीएम किसान समृद्धि केंद की संलग्नता की है। किसान केंद्र खोलने के लिए कोई भी युवा पात्र है। आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए। आवेदक का उम्र 18 साल से अधिक होनी चाहि। पीएम किसान समृद्धि केंद्र खोलने हेतु आवेदक के पास खुद की दुकान या किराए पर होना जरूरी है। आवेदक के पास कंप्यूटर और बिल मशीन होनी चाहिए।इसके तहत कोई भी युवा पीएम किसान समृद्धि केंद्र खोलकर अपना काम शुरू कर महीने के 15 से 25 हजार कमा सकता है। इस केंद्र के माध्यम से किसानों को उर्वरक, उर्वरक, कीटनाशक और अन्य उत्पाद सस्ती दरों पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही किसानों को समृद्धि केंद्रों के माध्यम से मिट्टी की उर्वरता जांचने का कार्य भी किया जाएगा।
इस योजना के तहत केंद्र खोलने वाले आवेदक को किसानों को उर्वरक, उर्वरक, कीटनाशक और अन्य उत्पाद सस्ती दरों पर उपलब्ध करना होगा। इसके साथ ही किसानों को समृद्धि केंद्रों के माध्यम से मिट्टी की उर्वरता जांचने का कार्य भी किया जाएगा। इस केंद्र को खोलकर कोई भी बेरोजगार युवा आत्मनिर्भर होंगे। इसके तहत देश की कुल 3.3 लाख खुदरा कृषि उपज की दुकानों को पीएम किसान समृद्धि केंद्र में बदला जाने का लक्ष्य है।
Updated on:
11 Nov 2024 10:50 am
Published on:
11 Nov 2024 10:49 am

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