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मेडिकल कॉलेज के लिए गौरगांय में 31 एकड़ भूमि की मंजूरी मिली

भूमि चिन्हांकन के बाद अधिग्रहण और हस्तांतरण की कार्रवाई होगी शुरू, मुख्यमंत्री कर सकते हैं भूमिपूजन

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Medical College gets 31 acres of land sanctioned in Gaurganya

Medical College gets 31 acres of land sanctioned in Gaurganya

छतरपुर। मेडिकल कॉलेज की छतरपुर में स्थापना के लिए रोडमैप तैयारी होने लगा है। जिला प्रशासन ने नेशनल हाइवे 76 नौगांव-छतरपुर मार्ग रोड स्थित गौरगांय में 31 एकड़ जमीन 20 दिन पहले ही चिन्हित करके प्रशासकीय स्वीकृति दे दी थी। मप्र कैबिनेट में छतरपुर के लिए मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव मंजूर होने के बाद अब आगे के प्रक्रिया शुरू हो गई है। मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए राज्यमंत्री ललिता यादव ने प्रशासन ने पहले से ही जमीन की तलाश करके रखने के निर्देश दिए थे। इस पर जिला प्रशासन ने पटवारी हल्का गौरगांय का कुल रकवा 31 एकड़ अर्थात 85 बीघा जमीन चिन्हित कर प्रशासकीय स्वीकृति दे दी। इसके बाद तुरंत खसरा, नक्शा तैयार कराए गए और पूरी फाइल तैयार करके तीन सप्ताह पहले ही उसे भोपाल भिजवा दिया है। आवागमन की सुविधा इस स्थल के लिए सुलभ होने के कारण ही प्रशासन ने गौरगांय के पास जमीन चुनी है। अब शासन स्तर से जमीन के अधिग्रहण और फिर चिकित्सा शिक्षा विभाग को हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू होगी। उधर माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मेडिकल कॉलेज के लिए भूमि पूजन सितंबर के पहले सप्ताह में कर सकते हैं। इसके लिए तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। उधर जिला अस्पताल के नए भवन के लोकार्पण और विश्वविद्यालय के प्रस्तावित भवन का भूमिपूजन भी मुख्यमंत्री के हाथों कराने की तैयारी की जा रही है। विधानसभा चुनाव के पहले जिले की यह दो बड़ी लंबित मांगों को मुख्यमंत्री पूरा करके यहां की जनता का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री जिले में दूसरी चरण की यात्रा लेकर सितंबर माह के पहले सप्ताह में आएंगे। इस दौरान वे छतरपुर, बिजावर और बड़ामलहरा विधानसभा क्षेत्र को कवर करेंगे।
मेडिकल कॉलेज की घोषणा के बाद यह प्रक्रिया होगी शुरू :
1. कैबिनेट में मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव पारित होने के बाद भूमि चिन्हांकन, अधिग्रहण और हस्तांतरण की प्रक्रिया तुरंत शुरू होती है। छतरपुर में भूमि चिन्हांकन पहले ही हो चुका है। अब अधिग्रहण और हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू होगी।
2. शासन द्वारा जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके बाद भूमि चिकित्सा शिक्षा विभाग को सौंपी जाएगी। इसके बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग डीपीआर तैयार कराएगा। जिसमें भवन निर्माण से लेकर पदों की स्वीकृति आदि प्रक्रिया उसी के अधीन पूरी होगी।
3. मप्र चिकित्सा शिक्षा विभाग डीपीआर को परियोजना समिति के पास भेजेगा। इसके बाद वित्त विभाग इसे मंजूर करेगा है। इसके लिए विधानसभा में बजट पारित किया जाना जाएगा। जिसके लिए ही विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाना जरूरी है। तभी बजट स्वीकृत होगा।
4. मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया यानी एमसीआई मेडिकल कॉलेज की घोषणा या मंजूरी के बाद इस बात की जांच करेगी कि जहां पर सरकार ने मेडिकल कॉलेज मंजूर किया है, वहां इसकी जरूरत है अथवा नहीं। छतरपुर के मामले में मुख्यमंत्री ने पूर्व में ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर इस बारे में अवगत करा दिया है।
5. केंद्र सरकार से मेडिकल के लिए बजट केंद्र परिवर्तित योजना से मिलेगा। इस योजना के तहत हर साल केंद्र सरकार अपनी तरफ से प्रदेश सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य, ट्राइवल सहित अलग-अलग योजनाओं के लिए राशि उपलब्ध करवाती है। इस राशि को राज्य शासन अपने हिसाब से खर्च करने के लिए स्वतंत्र होता है। लिहाजा मेडिकल कॉलेज केंद्र से मिलने वाली राशि में ५० प्रतिशत अंश भाग प्रदेश सरकार देगी।

शहर ने मनाया मेडिकल कॉलेज मंजूर होने का जश्न
- विशाल आभार रैली निकाली गई, राज्यमंत्री का जगह-जगह हुआ तुलादान
मेडिकल कॉलेज छतरपुर में खोले जाने की मांग पूरी होने और कैबिनेट में प्रस्ताव पारित होने पर शहर सहित जिलेभर के लोगों में खुशी है। बुधवार को पूरा शहर जश्न मनाते हुए दिखा। जगह-जगह लोग समूहों में एकत्र होकर आभार रैली का स्वागत करते नजर आए। कैबिनेट में प्र्रस्ताव मंजूर कराकर लौटीं राज्यमंत्री ललिता यादव का जिले की सीमा से लेकर पूरे शहर में जगह-जगह स्वागत और तुलादान किया गया। शहर के सभी संगठन, व्यापारी, धार्मिक संगठन और हर वर्ग के लोग इस आयोजन का हिस्सा बने।
शहर में निकली आभार रैली :
छतरपुर के लिए मेडिकल कॉलेज स्वीकृत कराने के बाद राज्यमंत्री ललिता यादव बुधवार को छतरपुर पहुंची। बिजावर रोड से सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ शहर में दाखिल हुई। सबसे पहले उन्होंने मोटे के महावीर मंदिर में पहुंचकर मत्था टेका और क्षेत्र की खुशहाली के लिए मनौती मांगी। यहां से आभार रैली शुरू हुई। अधिवक्ताओं ने न्यायालय के बाहर राज्यमंत्री का तुलादान कर स्वागत किया। इसके बाद यहां से आभार रैली छत्रसाल चौक, महल रोड होते हुए चौक बाजार पहुंची। यहां पर स्वर्णकार समाज, व्यापारी संगठनों ने उनका तुलादान किया। चौक बाजार में हुई नुक्कड़ सभा में राज्यमंत्री ने कहा कि शहर के लोगों ने जनहित की मांग उठाई थी। इस मांग को पूरा करने का भरोसा उन्होंने दिया था, लेकिन इस मांग को अपनी सरकार से पूरा कराने का आत्मबल और संबल इसी शहर के लोगों से मिला। इसलिए मांग पूरी होने के बाद शहर के लोगों का आभार जताने निकली हूं। इस मौके पर व्यापारी संघ के अध्यक्ष लालचंद लालवानी, अनिल अग्रवाल सहित शहर के व्यापारी बड़ी संख्या में मौजूद थे। हटवारा मोहल्ला के गांव की देवी मंदिर में ज्ञानोदय नवयुवक संघ और ज्ञानोदय नवदुर्गा उत्सव समिति ने मिलकर राज्यमंत्री का स्वागत किया। उन्हें मंदिर में ले जाकर दर्शन कराए। इसके बाद आभार रैली आगे बढ़ी। मऊ दरवाजा और बस स्टैंड पर भी आभार रैली का लोगों ने स्वागत किया। बस स्टैंड पर पहुंचकर रैली सभा में बदल गई। इस दौरान भाजपा जिला महामंत्री जयराम चतुर्वेदी, नारायण महेश्वर काले, भाजपा नेता सूरजदेव मिश्रा, शोभा राजपूत, राममूर्ति राजपूत, भाजपा जिला महामंत्री अरविंद पटैरिया, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष मणिकांत चौरसिया, महिला मोर्चा की कार्यकर्ता सहित भाजपा के सभी प्रमुख नेता मौजूद थे।
बरसते पानी में पहुंची सभा स्थल, छाता लगाकर दिया संबोधन :
शहर में आभार रैली लेकर निकली राज्यमंत्री ललिता यादव शाम को सभा स्थल पर पहुुंच पाई। बस स्टैंड पहुंचने से पहले ही तेज बारिश होने लगी। लेकिन बरसते पानी में भी भाजपा कार्यकर्ता से लेकर सभी नेता सभा स्थल तक राज्यमंत्री के साथ पहुंचे। तेज बारिश के दौरान राज्यमंत्री ललिता यादव मंच पर गई और छाता लगाकर उन्होंने अपनी बात लोगों के बीच रखी। उन्होंने कहा कि शहर में पिछले एक सप्ताह से बारिश नहीं हो रही थी। लेकिन मेडिकल कॉलेज की घोषणा के बाद आज जब शहर के लोग खुश हुए तो झमाझम बारिश हो गई। ऐसे आयोजन के दौरान बारिश का होना शुभ संकेत है कि लोगों की मांग पूरी होने में अब कोई अड़चन नहीं रह गई। इसके बाद वे सभी का आभार जताते हुए निकल गई।

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