
92 फीसदी ने लगवाया पहला और 75 प्रतिशत ने लगवाया दूसरा डोज
छतरपुर। जिले में वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ी है। इसके साथ ही 100 फीसदी वैक्सीनेशन के लक्ष्य को पूरा करने के नजदीक पहुंच रहे है। जिले में अब तक 21 लाख से ज्यादा डोज लगाए गए हैं। जिसमें से पहले डोज के लिए लक्षित आबादी 12 लाख 63 हजार में से 11 लाख 70 हजार ने पहला टीका लगवा लिया है, वहीं 9.40 लाख से ज्यादा लोगों ने दूसरा टीका भी लगा लिया है। कोविन ऑकड़ो के अनुसार जिले में अब 92 फीसदी लोगों ने पहला और 75 फीसदी ने दूसरा टीका लगवा लिया है। पहले डोज के लिए अब एक लाख से भी कम लोग बचे हैं, वहीं दूसरा टीका लगवाने वालो की संख्या भी 3 लाख से कम है। ऐसे में कोविड संक्रमण से सुरक्षा का चक्र पूरा करने के लिए प्रशासन ने सेंशन की संख्या बढ़ा दी है। इसके साथ ही अब घरों पर ड्यू डेट भी अंकित की जाएगी।
घरों पर लगेंगे लाल-हरे निशान
कलेक्टर छतरपुर संदीप जीआर ने लोगों का टीकाकरण करने के लिये ग्रामवार कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि टीकाकरण दल के सदस्य दोनों डोज लग चुके है की जानकारी घर-घर जाकर लें। उन्होंने कहा कि जिन घरों के सदस्यों के दोनों डोज लग चुके है वहां हरे रंग से और जहां दूसरा टीका नहीं लगा है वहां लाल रंग से निशान लगाया। टीकाकरण में कौन सी दवा कब लगी है और सेकण्ड डोज की ड्यू डेट क्या है की जानकारी भी घरों पर अंकित की जाये। टीकाकरण अभियान में नर्सिंग कॉलेज के स्टूडेंट की भी मदद ली जाए।
कोई न छूटे की थीम पर घर-घर लगे टीके
जिले के छूटे हुए व्यक्तियों को कोविड वैक्सीन लगाने के लिए जिले में गुरुवार को वैक्सीनेशन महाअभियान चलाया गया। कोई न छूट की थीम पर मोबाइल टीमों ने घर-घर जाकर वैक्सीन लगाई। इसके साथ ही स्थाई सेंशन के साथ चौक चौराहों, बस स्टैंड पर भी वैक्सीन लगाई गई। जो जहां है वहीं टीका लगाए गए। मोबाइल टीमों में गांव-गांव में घर-घर दस्तक दी। ड्यू डोज वालों को टीका लगाया गया।
व्यापारिक संगठनों की लेंगे मदद
शहरी क्षेत्र में लक्ष्य हासिल करने के लिये व्यापारिक संगठनों से बैठक में चर्चा करते हुये उन्हें इस बात की समझाइस दी जाये कि दुकानों में सामान लेने आने वाले व्यक्तियों से दोनों डोज लग चुके है की जानकारी लें, और जिनका दूसरा डोज ड्यू है उन्हें टीकाकरण लगाने की सलाह दें। दुकान में काम करने वाले वर्कस और उनके परिवार के सदस्यों को लग चुके दोनों डोज की जानकारी भी लें। इसीतरह शैक्षणिक संस्थाओं के 18 वर्ष से अधिक उम्र के छात्र-छात्राओं तथा उनके परिवार के सदस्यों तथा अधिकारी-कर्मचारियों के परिजनों को लग चुके तथा लगने से शेष रह गये व्यक्ति के टीके के संबंध में प्रमाण लिए जाए।
Published on:
17 Dec 2021 07:09 am

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