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4290 करोड़ की लागत से 2026 तक जिले में 109 किलोमीटर लंबा बनेगा सागर-कानपुर फोरलेन, अवॉर्ड की प्रक्रिया शुरु

भोपाल-लखनई इकोनॉमिक कॉरीडोर से जुड़ेगा छतरपुर, आबादी वाले इलाकों में बनेंगे बाइपास

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कानपुर सागर नेशनल हाइवे

कानपुर सागर नेशनल हाइवे

छतरपुर. जिले से निकलने वाले करबई - सागर फोर टू सिक्स लेन के लिए जमीन अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है। अब अवॉर्ड पारित करने की कार्रवाई शुरु हो गई है। इसके बाद मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू होगी और निर्माण कार्य भी शुरू किया जाएगा। 223.7 किलोमीटर लंबा यह नेशनल हाइवे एमपी-यूपी को जोड़ेगा। इस प्रोजेक्ट पर पिछले पांच साल से काम चल रहा है। फोरलेन सागर से निकलता हुआ बंडा, दलपतपुर, शाहगढ़, मलहरा, गुलगंज, छतरपुर, गढ़ी मलहरा, श्रीनगर और महोबा होकर बनाया जा रहा है। छतरपुर जिले में सांठिया घाटी, हीरापुर से लेकर महाराजपुर तहसील के तहत कैमाहा बैरियर तक 109 किलोमीटर लंबी सडक़ का निर्माण किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट वर्ष 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।

अप्रेल में मंजूर हो गया था डीपीआर
जिले से गुजरने वाले सागर-कानपुर फोरलेन का डीपीआर एनएचएआइ से अप्रेल में मंजूर हो गया। चार तहसीलों महाराजपुर, छतरपुर,बिजावर और बड़ामलहरा में 57 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। सागर से उत्तरप्रदेश के कबरई तक के लिए सागर लखनऊ इकोनॉमिक कॉरिडोर के नाम से फोरलेन सडक़ का निर्माण हो रहा है। 232.7 किलोमीटर लंबा फोरलेन बनने के लिए अलग-अलग चरणों में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) करा रही है। छतरपुर जिले में बड़ामलहरा विकासखंड के सांठिया घाटी से लेकर महाराजपुर तहसील के तहत कैमाहा बैरियर तक 109 किलोमीटर लंबी सडक़ का निर्माण किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट वर्ष 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

इकोनॉमिक कॉरीडोर से जुडेंगे
इसमें छतरपुर जिले की चार तहसीलें महाराजपुर, छतरपुर, बिजावर और बड़ा मलहरा के 57 गांव की जमीन का अधिग्रहण किया गया है। 2026 तक प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी अनुमानित लागत 4290 करोड़ आंकी जा रही है। सागर से कानपुर नेशनल हाइवे पहले से ही बना हुआ है, मगर अब इसके समांनातर सागर - कबरई फोरलेन बनाया जा रहा है। इसके बाद इसे सीधे लखनऊ से जोडकऱ इकोनॉमिक कॉरीडोर से जोडऩे की योजना है। कबरई से कानपुर और कानपुर से लखनऊ के लिए फोरलेन पहले से बना हुआ है। इकोनॉमिक कॉरीडोर बनने से व्यवासायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

43 किलोमीटर लंबा होगा छतरपुर शहर का बाइपास
कानपुर-सागर फोरलेन प्रोजेक्ट पर छतरपुर शहर से गुजरने वाला बाइपास 43.44 किलोमीटर लंबा होगा। जो चौका से होकर चंद्रपुरा, निवाड़ी, गढ़ीमलहरा, उजरा होते हुए कैमाहा तक बनाया जाएगा। इसके लिए 982 करोड़ रुपए की मंजूरी पहले ही मिल गई है। जल्द ही टेंडर भी होंगे। इसके अलावा सागर रोड पर चौका से छतरपुर जिले की सीमा में साठिया घाट तक 55 किलोमीटर फोरलेन का निर्माण किया जाएगा। इस पर 1671 करोड़ रुपए की लागत आएगी।

यहां बनाया जाएगा बाइपास
232.7 किलोमीटर लंबे इस फोर लेन में बड़े कस्बों के यातायात को ध्यान में रखा गया है। इसमें सागर से निकलते हुए बंडा, शाहगढ़, बड़ामलहरा, हीरापुर, गुलगंज, छतरपुर, गढ़ीमलहरा, ऊजरा, श्रीनगर और महोबा में बाइपास बनेगा। इस सडक़ के बनने से बड़ामलहरा, छतरपुर, गढ़ीमलहरा में बाइपास सडक़ का विस्तार किया जाएगा। वर्तमान में कबरई से कानपुर हाइवे और कानपुर से लखनऊ के लिए फोरलेन पहले से बना हुआ है। 232.7 किलोमीटर लंबा सागर से कबरई तक फोरलेन बन जाने के बाद सागर और छतरपुर के व्यापारियों के लिए लखनऊ और कानपुर में परेशानी नहीं होगी।

इनका कहना है
फोरलेन का काम तेजी से चल रहा है। जमीन अधिग्रहण संबंधी प्रक्रिया हो चुकी है। अवॉर्ड पारित होते ही मुआवजा का वितरण किया जाएगा। यह प्रक्रिया होने के बाद निर्माण का काम शुरू होगा।
पीएल चौधरी, प्रोजेक्ट मैनेजर, नेशनल हाइवे अथारिटी ऑफ इंडिया

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