
The case of Gulganj, Gram Panchayat of Bijawar district
बिजावर। ग्राम पंचायतों के सचिव, सरपंच और रोजगार सहायकों द्वारा मनमानी और गड़बड़ी किए जाने की सैकड़ों शिकायतों में से कुछ ही शिकायतों की जांच हुई, इनमें शिकायतें सही पाई गई। बावजूद इसके दोषियों पर करवाई नहीं की जा रही है। जनपद पंचायत क्षेत्र की आबादी के मान से बड़ी ग्राम पंचायतों में शामिल गुलगंज ग्राम पंचायत में निर्माण कार्यों के नाम पर फर्जी बिलो के सहारे लाखों रुपए की गड़बड़ी सामने आई है। यहां सरपंच ज्ञानवती यादव और सचिव हरबल सिंह ने मिलकर सरपंच पति बबलू यादव के नाम पर कई बिल लगाकर लाखों रुपए निकाल लिए। कई निर्माण कार्यों में मजदूरी और कारीगर का भुगतान मस्टर रोल की बजाए बबलू यादव के नाम पर बिल बनाकर कर दिया गया। यही यहीं बबलू यादव से खरीदी दर्शाई गई रेत के रेट एक ही डेट में अलग-अलग है। इसके साथ ही ग्राम पंचायत में सफाई कार्य के नाम पर भी लाखों रुपए निकालकर हड़प लिए गए। इसके अलावा अलग-अलग विक्रेताओं के नाम से हुए भुगतान के बिल एक ही हैंडराइटिंग में तैयार कर लिए गए। इस गड़बड़ी और फर्जीवाड़ा का खेल पिछले साढे 4 सालों से निरंतर चल रहा है। संबंधित उपयंत्री और अधिकारी की मिलीभगत के बगैर यह फर्जीवाड़ा मुश्किल है।
इन भुगतान में है गड़बड़ी
ग्राम पंचायत गुलगंज में 28 मार्च के बिल में 7 ट्राली रेता का भुगतान 20 हजार बबलू यादव को किया गया। इसी दिन 6 ट्राली रेता का भुगतान भी 20 हजार उसी बबलू यादव को ही कर दिया गया। 28 मार्च को ही बबलू यादव के नाम से ही लगे एक बिल पर 185 मजदूर और 42 कारीगर का 44790 का भुगतान भी कर दिया गया तो 10 अप्रैल को इसी बबलू यादव के नाम कारीगर के 28 और 110 मजदूर का 27540 का मजदूरी भुगतान बगैर मस्टररोल के कर दिया। 20 मार्च के बिल में 50 हजार का भुगतान सफाई के नाम पर बबलू यादव को कर दिया गया। इसके अलावा जुलाई और अगस्त में पांच अन्य बिल लगाकर साफ सफाई के नाम पर 80 हजार निकाल लिए गए। भुगतान 4 लोगों के नाम पर हुआ है इन सभी बिलों की हैंडराइटिंग बबलू यादव के बिलों जैसी ही है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में बड़े पैमाने पर फर्जी बिल लगाए हैं। साफ सफाई नाम के लिए ही होती है और बड़ी राशि हड़प ली जाती है। सरपंच पति का कमाल यहीं नहीं थमा पंचायत को सप्लाई होने वाली रेत,पत्थर सहित साफ-सफाई और अन्य कई सामग्री का भुगतान भी सरपंच पति के नाम हो रहा है।
ये कहना है इनका
इस संबंध में पंचायत सचिव हरबल सिंह ने तो दावा किया है कि सरपंच पति के नाम से भुगतान होने में कोई दिक्कत नहीं है। मजदूरी का भुगतान भी बगैर मस्टर के भी किया जा सकता है इस संबंध में सरपंच पति बबलू यादव ने पहले कहा कि वह दूसरा बबलू यादव है जब उनसे पूछा गया कि बिल पर तो आपका मोबाइल नंबर दर्ज है तो उन्होंने कहा कि हमने काम किया है तो हम भुगतान भी ले सकते हैं।
जांच करके कार्रवाई करेंगे
मामला गंभीर है, इस तरह से मजदूरी का भुगतान नहीं होता है सरपंच पति के नाम पर भी बिल लगाकर राशि नहीं निकाली जा सकती इस मामले में गंभीरता से जांच कर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
अखिलेश उपाध्याय,सीईओ जनपद पंचायत
Published on:
09 Oct 2019 07:00 am

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