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रेलवे ट्रैक पर मिला युवक शव, परिजनों ने जताया हत्या का संदेह, शव रखकर पांच घंटे तक लगाया जाम

- पुलिस बोली-परिवारिक विवाद के कारण युवक ने ट्रेन से कटकर की आत्महत्या- परिजनों ने गांव के पुराने 11 विरोधियों पर लगाए हत्या के आरोप- मुकदमा दर्ज करने का दबाव बनाकर सड़क पर रखी लाश, पुलिस ने मामला जांच में लिया

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Chhatarpur

छतरपुर/लवकुशनगर। थाना क्षेत्र के ग्राम पीरा में रहने वाले एक युवक की बेहद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। उसके परिवार के लोगों ने गांव के 11 लोगों पर हत्या का मामला दर्ज कराने के लिए युवक की लाश को सड़क पर रखकर जाम लगाए रखा। मृतक के परिजन पुलिस पर 6 घंटे तक यह दबाव बनाते रहे कि गांव के 11 लोगों पर हत्या का मामला दर्ज किया जाए। वहीं पुलिस का कहना है कि यह मामला आत्महत्या का है। हालांकि देर शाम पुलिस ने मामले को जांच में लेते हुए मृतक पक्ष की शिकायत के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उधर पुलिस का कहना है कि मामले में आत्महत्या से जुड़े कई बिन्दु स्पष्ट रूप से सामने आ रहे हैं। मृतक अतिथि शिक्षक के पद पर ग्राम अक्टौंहा के सरकारी स्कूल में पदस्थ था। एक साल पहले उसके चाचा कीरत विश्वकर्मा की हत्या गांव के ही लोगों ने जमीनी विवाद के चलते कर दी थी।
यह है मामला
जानकारी के मुताबिक ग्राम पीरा निवासी धर्मेन्द्र विश्वकर्मा की लाश दोपहर के वक्त पठा चौकी अंतर्गत ग्राम रगोली के समीप रेल की पटरियों पर मिली। युवक के सिर में किसी तेज रफ्तार वाहन के टकराने की स्पष्ट चोट है। युवक के हाथ में भी पेन से लिखा गया है कि भाई-भाभी और चाचा के कातिलों ने मेरी बेइज्जती की। युवक की लाश मिलने की जानकारी के बाद धर्मेन्द्र के परिवारजनों ने उसकी लाश लवकुशनगर में पुराने बस स्टेण्ड के समीप सड़क पर रख दी और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। युवक के परिजन ग्राम पीरा के ही 11 लोगों के खिलाफ आवेदन लेकर आ गए और इन पर हत्या का मामला दर्ज कराने की मांग करने लगे। आवेदन के मुताबिक मृतक के चाचा सोहनलाल विश्वकर्मा ने बताया कि 6 अगस्त की सुबह 9 बजे गांव के वीरेन्द्र यादव, दुर्गा यादव, रामशरण यादव, सुखदेव यादव, ब्रजेन्द्र यादव, बबलू यादव मोटर साईकिल पर आए और उनके भतीजे को दरवाजे से बैठाकर ले गए। पीछे से बाइक पर प्रमोद अहिरवार, धर्मेन्द्र रैकवार, महेश नामदेव, केशव विश्वकर्मा और ब्रजकिशोर विश्वकर्मा भी थे। इन लोगों के हाथ में लाठी और कुल्हाड़ी थी इन्हीं लोगों ने मेरे भतीजे की हत्या की है। आवेदन में यह भी कहा गया कि उक्त लोगों के द्वारा 29.6.2018 को मेरे भाई कीरत विश्वकर्मा की भी हत्या कर दी थी। इस आवेदन के साथ मृतक के परिजनों ने आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज कराने के लिए पुलिस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया और लगभग 6 घंटे तक लाश को सड़क पर रखकर जाम लगाए रखा। लवकुशनगर में एडिशनल एसपी जयराज कुबेर और छतरपुर एडीएम, एसडीएम लवकुशनगर सहित तीन-चार थानों के थाना प्रभारी मौजूद रहे। पूरा लवकुशनगर छावनी में तब्दील रहा।
एक साल पहले चाचा की हुई थी हत्या
लवकुशनगर थाना क्षेत्र के ग्राम पीरा गांव निवासी 45 वर्षीय किसान कीरत विश्वकर्मा की २९ जून २०१८ को बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। घटना वाली रात किसान पड़ुआ हार स्थित पिपरमेंट के खेत की रखवाली करने के गया था। रात 9 बजे जब उसका भाई सोहन विश्वकर्मा खेत पर कीरत के लिए खाना लेकर पहुंचा तो कीरत वहां नहीं मिला। इस पर खोजबीन की तो पास के ही डुडहा नाला में उसका खून से सना हुआ शव पड़ा मिला था। कीरत की हत्या गला रेतकर की गई थी। घटना स्थल से पुलिस को एक स्मार्ट फोन भी मिला था। गांव के प्रभावशाली लोगों पर है हत्या का आरोप :किसान कीरत विश्वकर्मा का के पास 55 एकड़ जमीन थी। इसको लेकर उसका विवाद चचेरे भाईयों से चल रहा था। निचली अदालत से दूसरा पक्ष केस हार गया था और कीरत के पक्ष में फैसला आया था। इस बीच दूसरे पक्ष ने विवादित जमीन गांव के सरपंच वीरेंद्र यादव को बेचकर केस राजस्व मंडल ग्वालियर में लगा दिया था। सरपंच के बेटे के नाम जमीन की रजिस्ट्री हो जाने के बाद वे उस पर कब्जा करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे थे। लेकिन कीरत रात-दिन अपने खेत की रखवाली करता रहता था। इसी को लेकर उसकी हत्या कर दी गई थी मृतक के परिजनों ने अपने चचेरे भाईयों सहित गांव के 15 लोगों के नाम से शिकायत करते हुए उन पर हत्या करने का आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस ने राजनैतिक दवाब के कारण हत्यारों के नाम एफआइआर से अलग कर दिए थे।

इन बिन्दुओं से पर पुलिस मान रही आत्महत्या :
1- मरने के पहले मृतक के द्वारा डायल 100 को परिवार में हुए विवाद की सूचना दी गई थी जिसकी जानकारी खुद लवकुशनगर टीआई केबी आर्य ने दी।
2- पठा चौकी पुलिस को एक युवक के ट्रेन से कटने की सूचना प्राप्त हुई थी जिस पर चौकी पुलिस ने अपने यहां लिखा-पढ़ी भी की है। यह सूचना भी मृतक के परिवार के लोगों ने ही पुलिस को दी थी। इसकी पुष्टि पठाचौकी प्रभारी कादर खान ने भी की है।
3- मृतक के हाथ में एक सोसाइड नोट की तरह पेन से लिखा गया है कि भाई-भाभी एवं चाचा के कातिलों ने मेरी बेइज्जती की। हाथ में लिखे गए इस नोट में छेड़छाड़ कर चाचा के कातिलों को जोड़ा गया है ऐसा संभव हो सकता है।
4- जिन लोगों से पहले से विवाद चल रहा था वे लोग घर में आकर इस युवक को ले जाएंगे और परिवार के लोग इसका विरोध नहीं करेंगे एवं न ही पुलिस को सूचित करेंगे ऐसा संभव नहीं लगता।
5- पूर्व में भी मृतक के परिवार के लोग अपने इन्हीं विरोधियों पर चाचा की हत्या के आरोप लगाते रहे हैं जिस पर कई अधिकारियों ने जांच की एवं आरोपियों को निर्दोष पाया। इसलिए यह आरोप भी फर्जी प्रतीत हो रहे हैं।
इनका कहना-
किसी भी तरह के दबाव में निर्दोषों को फंसाया नहीं जाएगा। पुलिस सभी पक्षों पर बारीकी से जांच करेगी। फारेंसिक जांच के साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट के माध्यम से भी घटना की सच्चाई का पता लगाया जाएगा। यदि हत्या की गई है तो कोई बचेगा नहीं और यदि आत्महत्या का मामला है तो निर्दोषों को फंसाया नहीं जाएगा।
तिलक सिंह, एसपी छतरपुर

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