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पुखराव नदी का अस्थायी पुल बहा, चार गांवों का संपर्क टूटा, प्रसव पीड़ा से तड़पती रही महिला

बमीठा क्षेत्र में स्थित पुखराव नदी पर बना अस्थायी पुल तेज बारिश और नदी में आए उफान के चलते पूरी तरह बह गया है। इससे खरयानी, पलकोहा, ढोड़न और भुसोर जैसे चार गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है।

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pukhrav river pull

अस्थायी पुल बहा

जिले में हो रही भारी बारिश अब लोगों के लिए आफत का कारण बनती जा रही है। बमीठा क्षेत्र में स्थित पुखराव नदी पर बना अस्थायी पुल तेज बारिश और नदी में आए उफान के चलते पूरी तरह बह गया है। इससे खरयानी, पलकोहा, ढोड़न और भुसोर जैसे चार गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। सैकड़ों ग्रामीण परेशान हैं, वहीं एक गर्भवती महिला समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने के कारण प्रसव पीड़ा में तड़पती रही।

बताया जा रहा है कि केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत पहले यहां बना पक्का रपटा तोड़ दिया गया था और उसके स्थान पर निर्माण एजेंसी द्वारा एक अस्थायी पुल बनाया गया था। यह पुल गंगऊ बांध क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग का कार्य करता था, लेकिन बारिश के तेज बहाव ने इसे बहा दिया।

प्रसव पीड़ा में तड़पती रही महिला, वैकल्पिक रास्ता भी नाकाम

पलकोहा गांव की एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। परिजन उसे तत्काल अस्पताल ले जाना चाहते थे, लेकिन पुल बह जाने के कारण कोई भी वाहन गांव से बाहर नहीं निकल सका। ग्रामीणों ने वैकल्पिक रास्तों से निकलने की कोशिश की लेकिन दलदली और कीचड़ भरे मार्गों ने हर प्रयास को विफल कर दिया।

ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, निर्माण एजेंसी पर लगाए आरोप

ग्रामीणों ने प्रशासन और केन-बेतवा लिंक परियोजना की निर्माण एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब पुराना मजबूत रपटा तोड़ा गया, तो वैकल्पिक पुल की पर्याप्त तैयारी और मजबूती क्यों नहीं की गई? ग्रामीणों ने तत्काल वैकल्पिक पुल निर्माण की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे।

अन्य क्षेत्रों में भी बारिश बनी मुसीबत

वहीं, ग्राम झमटुली के बेहर मोहल्ले में नाला उफान पर आने से देवगांव से देवरा बिजावर और अमानगंज जाने वाला मार्ग भी बंद हो गया है। कई ग्रामीण बारिश से बर्बाद हुए रास्तों और खेती की बोवनी न हो पाने को लेकर भी चिंतित हैं।

तरपेड बांध के जल स्तर में वृद्धि की चेतावनी

ईशानगर विकासखंड के तरपेड जलाशय में जलस्तर 70 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। जल संसाधन विभाग की कार्यपालन यंत्री लता वर्मा ने चेतावनी जारी की है कि बांध के वेस्ट वियर से 1206.00 क्यूमेक्स पानी का बहाव जारी रहेगा। ऐसे में निचले क्षेत्रों के गांवों भेल्सी, हिलगुवां, ईशानगर, सीगौन, दिदौल एवं पठादा के निवासियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

सिजवाहा में काठन नदी के टापू पर फंसा 15 वर्षीय किशोर

ग्राम सिजवाहा में भारी बारिश के चलते काठन नदी उफान पर आ गई। नदी में अचानक पानी बढ़ने से एक 15 वर्षीय किशोर बीच धार में बने टापू पर फंस गया। ग्रामीणों की सूचना पर प्रशासन हरकत में आया और तत्काल राहत कार्य शुरू कराया गया। जानकारी के अनुसार, युवक किसी कार्य से नदी के किनारे गया था, लेकिन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण वह सुरक्षित स्थान पर नहीं लौट सका और बीच नदी में बने एक ऊंचे टापू पर फंस गया। घटना की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार और सिजवाहा के पटवारी मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) की टीम को भी तत्काल बुलाया गया। टीम ने आखिरकार किशोर को रेस्क्यू कर लिया।

चमक-गरज के साथ भारी बारिश संभव

मौसम केंद्र ने जिले में अगले दो दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। कुछ क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की चेतावनी भी दी गई है। बीते 24 घंटों में शहर में 0.1 इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि औसत वर्षा 0.5 इंच मापी गई। अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। हवा की गति 11 किमी प्रति घंटा रही।