
केन्द्रीय मंत्री के साथ हुई बैठक
छतरपुर। केन वेतबा लिंक परियोजना के मध्यप्रदेश व उत्तरप्रदेश के बीच पानी बंटवारे का विवाद सिंतबर में बनाई गए केन्द्रीय जल प्राधिकरण के हस्तक्षेप के बाद भी अब तक निपट नहीं पाया है। एमपी-यूपी और केन्द्र में भाजपा की सरकारें हैं, लेकिन जल बंटवारा पर मध्यप्रदेश के हित पर कुठाराघात होने से एमपी अपनी बात पुरजोर तरीके से रख रहा है। एमपी 700 एमसीएम पानी नॉन मानसून में यूपी को देने के लिए तैयार है, लेकिन यूपी 750 एमसीएम पानी के लिए जिद कर रहा है। नॉन मानसून में यूपी को 50 एमसीएम अतिरिक्त पानी देने पर रंगवान बांध, अंतरिम जलग्रहण क्षेत्र और बरियारपुर स्टोरेज में लगभग 200 एमसीएम जल उत्तरप्रदेश को अतिरिक्त रूप से प्राप्त होगा। जिसको लेकर एमपी आपत्ति कर रहा है। इधर, इस मुद्दे पर केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने दोनों राज्यों को पानी बंटवारे पर 15 दिन में सहमति बनाने की नसीहत दी है। हालांकि उन्होने ये भी कहा है कि एमपी के हितों का ध्यान रखा जाएगा।
केन्द्रीय मंत्री के साथ हुई बैठक
बीते दिनों केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री के साथ बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश हमेशा से दूसरे राज्यों के हितों की परवाह करता रहा है परंतु प्रदेश का अहित न हो इसका भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। केन-बेतवा परियोजना से मध्यप्रदेश उत्तरप्रदेश को 700 एमसीएम पानी देने के लिए सहमत है। शीघ्र ही केंद्रीय मंत्री शेखावत के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बातचीत कर योजना के गतिरोध को दूर किया जाएगा। बैठक में मुख्यमंत्री चौहान ने जल आवंटन को लेकर मध्यप्रदेश का पक्ष मजबूती से रखा।
केन-बेतवा लिंक परियोजना के संबंध में मध्यप्रदेश का पक्ष
मध्यप्रदेश की दौधन बांध पर 6590 एमसीएम जल उपलब्धता के आधार पर बांध से उत्तरप्रदेश के लिए 700 एमसीएम जल सभी प्रयोजनों के लिए लिंक केनाल सहित नॉन मानसून के दौरान आवंटित करने पर सहमति है। लिंक केनाल द्वारा उत्तरप्रदेश को प्रदत्त जल को शामिल करते हुए उत्तरप्रदेश को आवंटित 1700 एमसीएम जल की एकाउंटिग बरियारपुर पिकअप वीयर पर की जाए। शेष संपूर्ण जल 2733 एमसीएम के उपयोग करने के लिए मध्यप्रदेश स्वतंत्र रहेगा।
दोधन बांध की जल भराव क्षमता को लेकर भी समस्या
परियोजना अंतर्गत उत्तरप्रदेश गैर मानसून अवधि में दौधन बांध से नवंबर से मई माह तक 935 एमसीएम पानी चाहता है। वहीं
राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण ने सुझाव दिया है कि परियोजना से नॉन मानसून मौसम में दौधन बांध पर उत्तरप्रदेश को 750 एमसीएम तथा मध्यप्रदेश को 1834 एमसीएम जल दें। अभिकरण द्वारा दौधन बांध पर जल उपलब्धता 6188 एमसीएम मानी गई है। परियोजना के अंतर्गत समस्त तकनीकी एवं जल योजना डिजाइन केन्द्रीय जल आयोग द्वारा दौधन बांध पर 6590 एमसीएम जल उपलब्धता के आधार पर की गई है, एवं समस्त अनुमोदन इसी आधार पर किए गए है। यदि दौधन बांध पर जल उपलब्धता 6590 एमसीएम के स्थान पर 6188 एमसीएम मानी जाती है, उस स्थिति में भविष्य में मध्यप्रदेश को लगभग 400 एमसीएम जल की हानि होगी, साथ ही यदि 750 एमसीएम जल दौधन बांध से नॉन मानसून सीजन में उत्तरप्रदेश को उपलब्ध कराया जाता है, उस स्थिति में रंगवान बांध, अंतरिम जलग्रहण क्षेत्र और बरियारपुर स्टोरेज में लगभग 200 एमसीएम जल उत्तरप्रदेश को अतिरिक्त रूप से प्राप्त होगा।
इनके बीच हुई बैठक
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री शेखावत ने पिछले दिनों मध्यप्रदेश के मंत्रालय में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं सभी संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ केन बेतवा लिंक परियोजना के जल के बंटवारे के संबंध में बैठक की। बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, नेशनल जल जीवन मिशन के डायरेक्टर भरत लाल, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन एसएन मिश्रा आदि उपस्थित थे। बैठक में दोनों राज्यों के बीच पानी बंटवारे को लेकर 15 दिन में सहमति बनाने और एमपी-यूपी के मुख्यमंत्री के बीच बैठक कर समाधान निकालने पर सहमति बनी है।
Published on:
12 Jan 2021 08:05 pm

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