सत्ता का लोभ और सत्यता का विलोप होना देश में अस्थिरता, अराजकता का कारण बन रहा है। आज के नेता स्वार्थं की राजनीति कर रहे हैं। सत्ता में सत्य का अंश नहीं रह गया है। समस्याएं और मुश्किलें इसी से बढ़ रही है। ये जब तक है तब तक स्थिरता नहीं आ सकती। नेता देश को अपना घर समझे तो आज से ही देश बदलाव और प्रगति के पथ पर अग्रसर हो सकता है।