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Good news: अयोध्या के बैंक में छिंदवाड़ा की समिति को मिली स्थायी सदस्यता

locationछिंदवाड़ाPublished: Feb 13, 2024 12:46:33 pm

Submitted by:

ashish mishra

समिति ने सकुशल जमा कराया 4 करोड़ 31 लाख राम नाम पत्रक, मिली उपलब्धि

Good news: अयोध्या के बैंक में छिंदवाड़ा की समिति को मिली स्थायी सदस्यता
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छिंदवाड़ा. जिले के राम भक्तों द्वारा अयोध्या भेजे गए 4 करोड़ 31 लाख बार राम नाम पत्रक सकुशल अयोध्या पहुंच गए और वहां जमा करा दिए गए हैं। वहीं अयोध्या जी स्थित अंतरराष्ट्रीय श्री सीताराम नाम बैंक में मारुति नंदन सेवा समिति सिमरिया धाम को स्थायी सदस्यता प्रमाण पत्र प्रदान कर खाता खोला गया है। समिति के संयोजक आनंद बक्षी ने बताया कि संरक्षक कमलनाथ एवं नकुलनाथ के अथक प्रयासों से छिंदवाड़ा के राम भक्तों ने 4 करोड़ 31 लाख बार राम नाम पत्रक लिखकर भरे थे जिन्हें सीताराम नाम बैंक में जमा कर दिया गया है। राम लला ट्रस्ट के अध्यक्ष तथा राम नाम बैंक के संस्थापक स्वामी नृत्य गोपालदास महाराज एवं राम नाम बैंक के प्रबंधक पुनीत रामदास, संस्थापक सदस्य चंद्रप्रकाश दीक्षित ने 6 फरवरी को अयोध्या स्थित श्री मणि रामदास छावनी सेवा ट्रस्ट में मारुति नंदन सेवा समिति को स्थायी सदस्य बनाया है। उन्होंने बताया कि छिंदवाड़ा से राम नाम पत्रकों से भरा हुआ राम रथ जब श्री अयोध्या पहुंचा तो अनेक रामभक्तों ने रथ का स्वागत कर पत्रकों को अपने शीश पर रख कर राम नाम बैंक में जमा किया।
भाव से मिलते हैं भगवान, होती है बड़ी शक्ति
तारा कॉलोनी स्थित श्री सिद्धेश्वर शिव मंदिर प्रांगण में आयोजित शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन सोमवार को वृंदावन से पधारे कथा वाचक पं. अरुण कृष्ण शास्त्री ने विभिन्न प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया।कहा कि भगवान भाव से मिलते हैं, भाव में बड़ी शक्ति है। बिना भाव के कुछ है ही नहीं। संसार में मनुष्य भागदौड़ की जिंदगी जी रहा है। कहता है समय है ही नहीं। मनुष्य के पास चिंता है, तनाव व अवसाद है, विषाद और प्रमाद है, इतने में ही मनुष्य उलझा हुआ है। उन्होंने कहा कि हर जीव मात्र के प्रति प्रेम का भाव रखना चाहिए। माता पिता के रूप में घर में देवता विराजमान हैं, परंतु भाव के बिना उनका कोई महत्व नहीं है। कथावाचक ने शिवलिंग की अनंत महिमा का वर्णन किया और कहा कि चांदी और मिट्टी के शिवलिंग की पूजा पद्धति और फल का अलग-अलग विधान है। शिवलिंग पूजा के बारे में शिव पुराण में विस्तार से बताया गया है। भगवान ने भी कहा है कि वह भाव के भूखे हैं। भाव ही एक सार है और जब सब एक दूसरे के प्रति प्रेम का भाव रखेंगे तो विश्व में सुख शांति और समृद्धि आएगी।
कथावाचक नेपार्थिव शिवलिंग की महिमा एवं कामनाओं के अनुसार शिवलिंग के पूजन और शिवलिंग नैवेद्य खाने का विधान, भस्म धारण एवं रुद्राक्ष धारण करने की विधि, शिव क्षेत्र का विस्तार आदि प्रसंग भी सुनाए। कथा का श्रवण करने काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। मंदिर में 10 से 19 फरवरी तक शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक हो रही है।

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