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गंभीरी व ओराई सहित कई बांध छलके

जिले में निम्बाहेड़ा क्षेत्र के गंभीरी बांध सहित जिले के कई बांध अपनी क्षमता के बराबर लबालब होकर छलक गए हैं। गंभीरी बांध पर एक इंच की चादर चल रही है। जबकि ओराई पर दो व बस्सी बांध पर चार इंच चादर चलना शुरू हो गई है।

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गंभीरी व ओराई सहित कई बांध छलके

गंभीरी व ओराई सहित कई बांध छलके

चित्तौडग़ढ़
जिले में निम्बाहेड़ा क्षेत्र के गंभीरी बांध सहित जिले के कई बांध अपनी क्षमता के बराबर लबालब होकर छलक गए हैं। गंभीरी बांध पर एक इंच की चादर चल रही है। जबकि ओराई पर दो व बस्सी बांध पर चार इंच चादर चलना शुरू हो गई है।
जानकारी के अनुसार निम्बाहेड़ा क्षेत्र के गंभीरी बांध की भराव क्षमता २३ फीट है और यह बांध पूरा भर चुका है। बांध पर चादर चल रही है। बेगूं क्षेत्र के ओराई बांध की भराव क्षमता ३१ फीट है और यह बांध भी लबालब हो चुका है, जिस पर चादर चल रही है। बस्सी बांध की भराव क्षमता ३६.१ फीट है और यह बांध भी छलक गया है। जबकि वागन, बडग़ांव बांध में क्रमश: २७.९३ व ४.७ फीसदी पानी ही आया है। भोपालसागर बांध की भराव क्षमता १८.०१ फीट है, लेकिन इस बांध में पानी की आवक नहीं हुई है। डोराई बांध की भराव क्षमता २७.५३ फीट है, लेकिन बांध में अब तक १८ फीट पानी ही आया है। घोसुण्डा बांध चित्तौडग़ढ़ का मुख्य पेयजल स्त्रोत है, लेकिन बांध में इसकी क्षमता के मुकाबले अब तक १०.५३ फीसदी पानी ही आया है। साकल खेड़ा बांध की भराव क्षमता ३५.१० फीट है और बांध में अब तक ३४.५ फीट पानी आ चुका है।
ये बांध भी छलके
मोडिया बांध भी लबालब हो गया है। इसकी भराव क्षमता १६.०१ फीट है। यह बांध भी छलक गया है। भावलिया बांध भी अपनी भराव क्षमता १२.४७ फीट के बराबर भर चुका है और इस पर भी रपट चलना शुरू हो गई है। इसके अलावा खोकी बांध भी अपनी भराव क्षमता २१.४९ फीट के मुकाबले पूरा लबालब हो गया है। जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता राजकुमार शर्मा ने बताया कि बांधों में पानी की आवक निरंतर जारी है।

गंभीरी के छलकने का था इंतजार
जिले का गंभीरी बांध पानी की आवक के चलते रविवार को सुबह करीब 7 बजे लबालब हो गया था, जिस पर चादर चलना शुरू हो गई। बंाध क्षेत्र से जुड़े किसानों व क्षेत्र के लोगों को बांध के छलकने का बेताबी से इंतजार था। बांध के पूर्ण भराव क्षमता के साथ लबालब होने व रपट चलने से कमांड क्षेत्र के किसानों में जहां खुशी की लहर दौड़ गई, वहीं बांध भर जाने से निम्बाहेड़ा नगर वासियों ने राहत की सांस ली, क्योंकि नगर की पेयजल व्यवस्था का दारोमदार इसी बांध पर निर्भर है। गौरतलब है कि गम्भीरी बांध में गत एक सप्ताह से जारी तेज एंव धीमी बारिश के चलते पानी की आवक होने लगी व शनिवार में मध्यप्रदेश के जावद के पास मोरवन बांध के लबालब होने व रपट चलने से गम्भीरी बांध में पानी की आवक बढ गई। शनिवार को भी बांध से जुड़े क्षेत्र के नदी नालों व मोरवन बांध से पानी की निरंतर आवक के चलते बांध लबालब हो गया। गंभीरी बांध से रबी फसलों की सिंचाई के लिए नहरों द्वारा पानी लगभग 35 से 40 किलोमीटर लंबी दूरी तक जाता है।


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