
काम की तलाश में बांद्रा से अजमेर जा रहे बालक को दिलाया आश्रय
चित्तौडग़ढ़
काम की तलाश में बांद्रा से ट्रेन में अजमेर जा रहे ग्यारह वर्षीय बालक को चाइल्ड लाइन ने रेस्क्यू कर आश्रय दिलाया है।
चाइल्ड लाइन चित्तोडग़ढ़ को 1098 पर सूचना मिली कि ग्यारह वर्षीय बालक निराश्रित अवस्था में ट्रेन में बैठा हुआ है और काम की तलाश अजमेर जा रहा है। वह बान्द्रा सें ट्रेन में बैठा है। यह ट्रेन चित्तौडग़ढ़ पहुंचने वाली है। सूचना पर चाइल्ड लाइन की टीम रेलवे स्टेशन पहुंची और आरपीएफ के सहयोग से बालक को ट्रेन से उतारा। वह घबराया हुआ था। बालक को विश्वास में लेकर काउंसलिंग करने पर उसने बताया कि वह बांद्रा का रहने वाला है। परिवार में पिता और एक भाई है। माता का निधन हो चुका है। बालक ने बताया कि उसके पिता रिक्शा चलाते है और शराब का नशा करते हैं। नशे में उसके साथ मारपीट भी करते हैं। बांद्रा में रहने के लिए कोई स्थान नहीं होने से फुटपाथ पर ही सोते हैं। बालक ने बताया कि उसे किसी व्यक्ति ने कहा कि अजमेर में काम मिल जाएगा, इसलिए वह काम की तलाश में ट्रेन में बैठकर अजमेर जा रहा था। बालक को अजमेर भिजवाने वाले व्यक्ति के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। बालक को बाल कल्याण समिति चित्तौडग़ढ़ की सदस्य मंजू जैन के समक्ष प्रस्तुत किया जहां अग्रिम काउंसलिंग व कार्रवाई के लिए उसे बस्सी स्थित भगवती बालगृह में आश्रय दिया गया है।
Published on:
22 Sep 2021, 10:25 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.