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आदियोगी दिव्य दर्शनम को प्रतिष्ठित वैश्विक पुरुस्कार

ईशा योग केंद्र में आदियोगी दिव्य दर्शनम भगवान शिव की प्रतिमा को प्रकाश व ध्वनि प्रक्षेप-चित्रण में मोंडो एमा एपेक पुरस्कार जीता है। यह पुरुस्कार एक्सिस थ्री-डी स्टूडियोज ने पूजाग्रह श्रेणी में दिया जाता है।

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आदियोगी दिव्य दर्शनम को प्रतिष्ठित वैश्विक पुरुस्कार

आदियोगी दिव्य दर्शनम को प्रतिष्ठित वैश्विक पुरुस्कार

कोयम्बत्तूर.ईशा योग केंद्र में आदियोगी दिव्य दर्शनम भगवान शिव की प्रतिमा को प्रकाश व ध्वनि प्रक्षेप-चित्रण में मोंडो एमा एपेक पुरस्कार जीता है। यह पुरुस्कार एक्सिस थ्री-डी स्टूडियोज ने पूजाग्रह श्रेणी में दिया जाता है। प्रतिस्पद्र्धा में यूरोप, मध्य-एशिया, अफ्रीका, एशिया-पैसेफिक से आई कई प्रविष्टियां शामिल रहीं। इनमें यूके से दो प्रार्थना घर, और फ्रांस का एक चर्च शामिल है। ऐक्सिस थ्री डी के संस्थापक, और आदियोगी दिव्य दर्शनम के दृश्य निर्देशक, अविजित समाजदार ने कहा कि सम्मान से अभिभूत हैं कि आदियोगी के साथ काम करने का अवसर मिला। आदियोगी दिव्य दर्शनम के निर्माण कहानी की पटकथा, संगीत, मानसिक चित्रण आदि को तैयार किया है गया है। साउण्ड्स ऑफ ईशा द्वारा रचित संगीत ने भव्य शो को बहुत उन्नत बना दिया है। आदियोगी दिव्य दर्शनम एक 14 मिनट का प्रक्षेपण प्रदर्शन है। दावा है कि यह सबसे बड़ी आकृति आदियोगी के धड़ पर चित्रित किया जाता है। विशेषता यह रही कि प्रक्षेप चित्रण काली प्रतिमा पर किया गया है। काले रंग पर अन्य रंग नजर नहीं आते लेकिन इस प्रक्षेपण में अन्य रंगो को 8000 वर्ग फुट आकृति पर उभारा गया है।