
कोयम्बत्तूर के माकपा सांसद पीआर नटराजन व तिरुपुर से भाकपा सांसद सुब्बारायण के नेतृत्व में बड़ी संख्या में विभिन्न सीटू, इंटक व अन्य श्रमिक संगठनों के हजारों कार्यकर्ताओं ने केन्द्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
कोयम्बत्तूर. केन्द्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के विरोध में बुधवार को देशव्यापी बंद के तहत कोयम्बत्तूर में प्रदर्शन के दौरान दो सांसदों सहित आठ सौ कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। अंचल के तिरुपुर जिले में बंद का सर्वाधिक असर पड़ा। हॉजरी सिटी माने जाने वाले शहर में उत्पादन व कारोबार ठप रहने एक हजार करोड़ का व्यवसाय प्रभावित हुआ। यहां के सभी बाजार बंद रहे। सब्जी उत्पादक नीलगिरि जिले से पड़ोसी राज्यों में सब्जियों का परिवहन नहीं हो सका। तमिलनाडु रोडवेज ने एहतियात को तौर पर केरल जाने वाली सभी बस सेवाओं को रद्द कर दिया। कोयम्बत्तूर शहर में बंद का मिला जुला असर रहा। कोयम्बत्तूर के माकपा सांसद पीआर नटराजन व तिरुपुर से भाकपा सांसद सुब्बारायण के नेतृत्व में बड़ी संख्या में विभिन्न सीटू, इंटक व अन्य श्रमिक संगठनों के हजारों कार्यकर्ताओं ने केन्द्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मजदूर विरोधी है। मजदूरों के संरक्षण के लिएबने कानूनों को कमजोर कर दिया गया है। रेलवे , बीएसएनएल जैसे सरकारी उपक्रमों का निजीकरण किया जा रहा है। अर्थव्यवस्था चौपट है। बेरोजगारी चरम पर है। महंगाई दिनों दिन बढ़ रही है। इन समस्याओं के समाधान में रुचि लेने की बजाय सरकार नागरिकता संशोधन कानून बना कर समाज में विभेद पैदा कर रही है।जनता का ध्यान भटकाने के लिए पाकिस्तान को निशाना बना रहे हैं।वक्ताओं ने कहा कि अगर मजदूर और आम जनता नहीं चेती तो देश पूंजीपतियों के नियंत्रण में चला जाएगा। सभा के दौरान कार्यकर्ता भाजपी सरकार के खिलाफ नारे लगाते रहे। बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी प्रदर्शन में भागीदारी निभाई।
रोडवेज ने रोका बसों का संचालन
श्रमिक संगठनों के बुधवार को देशव्यापी बंद के आह्वान को देखते हुए कोयम्बत्तूर से केरल जाने वाली 27 बसों का संचालन रोक दिया गया। तमिलनाडु रोडवेज के एकअधिकारी ने बताया कि शहर के उक्कडम बस स्टैण्ड से केरल के विभिन्न शहरों के लिए रोजाना 27 बसों का संचालन किया जाता है, लेकिन केरल में बंद का असर व्यापक होने की आशंका व बसों को तोडफ़ोड़ से बचाने के लिए संचालन रोकना बेहतर समझा। उन्होंने बताया कि कोयम्बत्तूर शहर में 90 फीसदी बसों का संचालन किया गया। औद्योगिक क्षेत्रों और श्रमिकों की कालोनियों में बंद के असर को देखते हुए वहां बसें नहीं चलाई गई।
Published on:
09 Jan 2020 05:27 pm
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