
भवानी के जल प्रवाह का सर्वे
कोयम्बत्तूर. कावेरी नियामक समिति की टीम ने बुधवार को मेट्टूपालयम सहित चार स्थानों पर भवानी नदी के प्रवाह का सर्वे किया। भवानी कावेरी की महत्वपूर्ण सहायक नदी है। यह कोयम्बत्तूर. तिरुप्पूर और इरोड जिले की जनता व किसानों के लिए पानी का महत्वपूर्ण स्रोत है। पिछले दिनों कावेरी आयोग की दिल्ली में हुई बैठक में तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और पुदुचेरी राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में कावेरी नदी के पानी को साझा करने के मुद्दे पर चर्चा की गई। इसी दौरान नयामक समिति ने तय किया कि कावेरी की सहायक नदियों का सर्वे किया जाए। इसके लिए एक दल को नदियों के जल प्रवाह और अन्य तथ्यों पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने केनिर्देश दिए गए। केंद्रीय जल प्राधिकरण के अभियंता मोहन मुरली की अध्यक्षता में छह सदस्यीय दल बुधवार को मेट्टूपालयम में था। इसी दल को अन्य राज्यों में नदियों के सर्वे का काम सौंपा गया है। टीम अब तक कर्नाटक तमिलनाडु के बिलीगुंड और मेट्टूर में कावेरी नदी का सर्वे कर चुकी है। मेट्टूपालयम में थेकमपट्टी से भवानी सागर तक भवानी नदी के प्रवाह का जायजा लिया। बाद में पत्रकारों से बातचीत में टीम के सदस्यों ने बताया कि कावेरी की सहायक नदियों में पानी के प्रवाह पर डिजीटल तकनीक से निगरानी के लिए चेन्नई और बेंगलुरु में कार्यालय खोल गए हैं। इसका विवरण ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा। उन्होंने कहा कि सर्वे प्रक्रिया समाप्त होने के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को प्रस्तुत की जाएगी।
Published on:
13 Jun 2019 01:20 pm
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