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जानिए…व्हाट्सएप के कारण कैसे खतरे में पड़ गई नवजात की जान

शहर के रामनाथपुरम इलाके में बुधवार को एक निजी अस्पताल में प्रसव में लापरवाही से नवजात का जीवन संकट में पड़ गया।

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जानिए...व्हाट्सएप के कारण कैसे खतरे में पड़ गई नवजात की जान

कोयम्बत्तूर. शहर के रामनाथपुरम इलाके में बुधवार को एक निजी अस्पताल में प्रसव में लापरवाही से नवजात का जीवन संकट में पड़ गया। शिशु को दूसरे अस्पताल में रैफर किया गया है। परिजनों का आरोप है कि व्हाटस ऐप के जरिए चिकित्सक के निर्देश पर दो नर्सों ने प्रसव कराया था। बाद में नवजात की तबीयत बिगडऩे लगी तो अस्पताल प्रबंधन ने शिशु को रैफर कर दिया।
नवजात के परिजनों व अन्य लोगों ने प्रसव कराने के इस तरीके का विरोध करते हुए रास्ता जाम कर दिया। खबर मिलने पर रामनाथपुरम थाने से पुलिस मौके पर पहुंची व लोगों को समझाया।
लोगों के गुस्से को देखते हुए पुलिस ने आश्वस्त किया कि रिपोर्ट दर्ज होने पर मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया के जरिए प्रसव कराना पहले भी खतरनाक साबित हो चुका है। तिरुपुर में पिछले साल 22 जुलाई को घर पर ही प्रसव कराने के दौरान महिला की अधिक खून बह जाने से मौत हो गई थी।एक निजी कम्पनी में कार्यरत कार्तिकेयन की पत्नी कृतिका जब दूसरी बार गर्भवती हुई तो पति - पत्नी ने फेसबुक एवं यूट्यूब जैसी सोशल मीडिया साइट पर निर्देश देखने शुरू कर दिए।
कृतिका को 22 जुलाई को प्रसव पीड़ा हुई और उसके पति ने अपने दोस्त प्रवीण और उसकी पत्नी को घर पर सामान्य प्रसव में मदद करने के लिए बुलाया। लेकिन अधिक रक्त बहन जाने से कृतिका की मौत हो गई थी।