
पंछिड़ा रे उडऩे जाईजे पावागढ़ रे..
मदुरै.पंछिड़ा रे उडऩे जाई जे पावागढ़ रे म्हारी महाकाली ने जाई ने कजे गरबा रमो रे सरीखे गरबा गीत और डांडिया की खनक से मदुरै का तिरुकोविल स्ट्रीट मंदिर परिसर गंूज उठा।Madurai राजस्थानी सेवा समाज के तत्वावधान में आयोजित रास में महिलाओं ने गरबा रास व युवाओं ने डांडिया खेला।
सेवा मंडल अध्यक्ष बाबुलाल कुमावत ने बताया कि माताजी की महाआरती के साथ गरबा शुरू किया गया। कार्यक्रम में राजस्थानी उत्तर भारतीय परिवारों ने उत्साह से भाग लिया।
परम्परागत गुजराती वेशभूषा में महिलाओं व बालिकाओं ने देर रात तक डीजे की धुन पर गरबा खेला। देवी - देवताओं का रूप धरे युवक -युवतियां आकर्षण का केन्द्र रही। गरबा रास के दौरान पंिछड़ा रे उडऩे जाई जे पावागढ़ रे म्हारी महाकाली ने जाई ने कजे गरबा रमो रे जैसे गीतों पर देर रात तक युवाओं ने डांडिया खनकाए। मंदिर प्रांगण को रंग बिरंगी रोशनी से सजाया गया है।
इस मौके पर सेवा समाज के मंत्री मादाराम चौधरी, कोषाध्यक्ष छैलसिंह दहिया, पूर्व अध्यक्ष मोहनलाल चौधरी, पुनमाराम प्रजापत, रमेशकुमार रावल , हुकमसिंह दहिया, दिनेश मंत्री, पारसमल बंदामुथा सहित पदाधिकारी मौजूद रहे ।
Published on:
03 Oct 2019 03:44 pm
बड़ी खबरें
View Allकोयंबटूर
तमिलनाडु
ट्रेंडिंग
