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मन में न हो बैर, क्षमा से बढ़ता है प्रेम

जैन मुनियों ने रविवार को कहा कि मन में बैर नहीं रखना चाहिए। क्षमा करने से प्रेम बढ़ता है जबकि क्रोध नुकसान पहुंचाता है।
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कोयंबटूर

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Dilip Sharma

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Updated: 16 Sep 2019, 11:41 AM IST

मन में न हो बैर, क्षमा से बढ़ता है प्रेम

मन में न हो बैर, क्षमा से बढ़ता है प्रेम

कोयम्बत्तूर. जैन मुनियों ने रविवार को कहा कि मन में बैर नहीं रखना चाहिए। क्षमा करने से प्रेम बढ़ता है जबकि क्रोध नुकसान पहुंचाता है।
Coimbatore शहर के रॉबर्टसेन रोड स्थित नेहरु विद्यालय के प्रांगण में रविवार को श्री कोयम्बत्तूर जैन महासंघ की ओर से आयोजित सामूहिक क्षमापना व तपस्वी अभिनंदन समारोह में मुनियों व साध्वीवृंदों ने यह बात कही।
तपस्वियों का बहुमान, मोबाइल एप लांच
इस मौके पर महासंघ की ओर से 11 व अधिक तप करने वालों का बहुमान किया। साथ ही Coimbatore कोयम्बत्तूर जैन समाज के बहुद्देश्यीय मोबाइल एप का लोकार्पण भी संघ के पदाधिकारियों ने किया। महासंघ के सचिव गुलाबचंद मेहता ने बताया कि आयोजन में सुपाश्र्वनाथ जैन सेवा मंडल, एसएसएस जैन युवक संघ, श्वेताम्बर तेरापंथ युवक परिषद, खरतरगच्छ युवक परिषद, अरिहंत युवक मंडल, नाकौड़ा मित्र मंडल आदि का विशेष सहयोग रहा। संघ के अध्यक्ष चंपालाल बाफना, उपाध्यक्ष रमेश सूतलिया, कोषाध्यक्ष भंवरलाल कोठारी, सह सचिव अमरीश शाह, सह कोषाध्यक्ष गौतमचंद नाहटा आदि ने संतों व अतिथियों का स्वागत किया। लाभार्थी राजेन्द्र कुमार, कपिल व चिराग छाजेड़ रहे।