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होजरी सिटी में 31 तक उत्पादन रोका, रोजाना 200 करोड का नुकसान

विदेशों के लिए भारी मात्रा में होजरी उत्पाद निर्यात करने वाले तिरुपुर में कोरोना के चलते ३१ मार्च तक उत्पादन रोक दिया गया है। यहां करीब 10 हजार निटवियर फैक्ट्रियां व इससे जुड़े लघु उद्योग धंधे हैं। यहां 24 घंटे तक काम होता था और हर एक के पास काम था, लेकिन कोरोना ने बाजी पलट दी है।

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होजरी सिटी में 31  तक उत्पादन रोका, रोजाना 200 करोड का नुकसान

होजरी सिटी में 31 तक उत्पादन रोका, रोजाना 200 करोड का नुकसान

कोयम्बत्तूर. विदेशों के लिए भारी मात्रा में होजरी उत्पाद निर्यात करने वाले तिरुपुर में कोरोना के चलते ३१ मार्च तक उत्पादन रोक दिया गया है। यहां करीब 10 हजार निटवियर फैक्ट्रियां व इससे जुड़े लघु उद्योग धंधे हैं। यहां 24 घंटे तक काम होता था और हर एक के पास काम था, लेकिन कोरोना ने बाजी पलट दी है। करीब पांच से सात लाख सिलाई कारीगर व कामगार फिलहाल हाथ पर हाथ घरे बैठे हैं। इनमें से बड़ी संख्या में आसपास के जिलों के कारीगर घरों को लौट रहे हैं। बड़ी संख्या में उत्तर पूर्व को युवा भी यहां रोजगार पाते हैं। होली मना कर अधिकांश लौट चुके हैं।

31 मार्च तक ट्रेनों का संचालन बंद करने के आदेश के बाद रविवार को यहां अंतिम ट्रेन पटना-एरनाकुलम पहुंची। इससे बड़ी संख्या में प्रवासी कारीगर तिरुपुर उतरे। ये सभी रोजगार के लिए यहां आए पर पता लगा कि 31 तक काम बंद होने की खबर से निराश हुए। तिरुपुर एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अनुसार काम रोकने से रोजाना करीब 200 करोड का नुकसान हो रहा है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजा एम शनमुगम का कहना है कि तिरुपुर में अभी तक कोरोना का एक भी मामला नहीं आया है पर तिरुपुर के एक ओर कोयम्बत्तूर व दूसरी ओर ईरोड़ है। जहां तीन कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। ऐहतियात के तौर पर तिरुपुर में फैक्ट्रियों को बंद कर दिया गया है।