निर्भया केस: 'आधी रात को अदालत के चक्कर काट रही बेबस मां, बहुत हुआ- अब यह सिस्टम बदले'

  • निर्भया मामले में डेथ वारंट पर रोक लगाने से इनकार के बाद दिल्ली HC में भी सुनवाई पूरी
  • हाई कोर्ट से निराशा मिलने के बाद दोषियों के वकील एपी सिंह ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

Mohit sharma

20 Mar 2020, 05:10 AM IST

नई दिल्ली। निर्भया मामले में दिल्ली की स्थानीय अदालत द्वारा डेथ वारंट पर रोक लगाने से इनकार करने के बाद दोषियों की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में भी सुनवाई पूरी हो गई है।

दोषियों को हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली, जिसके बाद उन्हें शुक्रवार की सुबह 5:30 बजे फांसी पर लटकाया जाना लगभग तय हो गया है, हालांकि अभी सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सुनवाई करेगा।

हाई कोर्ट से निराशा मिलने के बाद दोषियों के वकील एपी सिंह ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में तड़के तीन बजे सुनवाई करेगा।

वहीं, निर्भया के माता-पिता भी दिल्ली पहुंच गए हैं। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान भी दोनों अदालत में मौजूद थे।

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निर्भया की मां आशा देवी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि उनको देश की सर्वोच्च अदालत पर पूरा भरोसा है।

सुप्रीम कोर्ट दोषियों की फांसी की सजा को बरकरार रखेगा। वहीं, निर्भया के पिता ने कहा कि अब वह दिल्ली आ गए हैं तो दोषियों को फांसी लगाए जाने के बाद ही घर लौटेंगे।

हालांकि पटियाला हाउस कोर्ट की ओर से जारी डेथ वॉरंट के बाद फिर से हाईकोर्ट और अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की इस प्रक्रिया से दोनों को दुख जरूर पहुंचा है।

इस बीच आशा देवी ने कहा कि अब यह सिस्टम बदला जाना चाहिए। आधी रात को एक मां अपने बेटी के न्याय के लिए अदालत के चक्कर काट रही है।

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वहीं, इससे पहले दिल्ली की एक अदालत ने चारों दोषियों के डेथ वारंट पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। अदालत के आदेश पर निर्भया की मां आशा देवी ने खुशी जताते हुए कहा था, "यह पूरे देश के लिए न्याय का क्षण है।"

आशा देवी ने कहा, "आज पूरे देश को न्याय मिला है।" उन्होंने कहा, "यह न केवल हमारे लिए एक खुशी का पल है, बल्कि यह उन सभी परिवारों के लिए भी एक बेहद खुशी का क्षण है, जिनकी बेटी है।"

 

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