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अटल आश्रय आवास योजना के हितग्राहियों में लीज रेंट को लेकर विरोध

एक रुपए वार्षिक लीज पर मिली, 1700 के थमाए पत्र

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Atal Ashray Awas Yojana beneficiaries protest against lease rent

Atal Ashray Awas Yojana beneficiaries protest against lease rent

दमोह. दमोह शहर में हाऊसिंग बोर्ड द्वारा अटल आश्रय योजना के तहत एलआइजी व इडब्ल्यूएस आवासों की रानी दमयंती राजनगर कॉलोनी विकसित की थी। इस योजना के आवंटियों को लीज रेंट एक रुपए वार्षिक के साथ सब्सिडी की घोषणा की गई थी। लेकिन 1700 रुपए वार्षिक जमा कराए जा रहे हैं।
हाऊसिंग बोर्ड की मॉडल स्वरूप एक आवासीय परिसर केंद्र सरकार की विशेष अटल आश्रय योजना का क्रियान्वयन 2016 में सांसद प्रहलाद सिंह पटेल के प्रयासों से कराया गया था। अटल आश्रय योजना में सस्ती दर पर आवास बनाए जा रहे थे, जिसमें हितग्राहियों से भूमि का शुल्क नहीं लिया गया था। उस दौरान भूमि एक रूपए वार्षिक की दर से आवंटित की गई थी। जिससे हितग्राहियों ने आवास योजना को हाथों-हाथ लिया और सस्ते आवासीय परिसर के लॉटरी सिस्टम से आवंटन के लिए आगे आए थे। कार्य की धीमी गति के कारण लोगों को करीब 5 साल तक इंतजार करने के बाद लॉटरी प्रक्रिया के तहत आवासों के नंबर एलाट कर दिए गए हैं। इसके बाद जून माह में हितग्राहियों को आवंटन लेटर पहुंचाए जा रहे हैं।
जीएसटी भी वसूली जा रही
अटल आश्रय के तहत आवासीय योजना सभी करों से मुक्त बताई जा रही थी। लेकिन जब हितग्राहियों को आवंटन लेटर दिए गए हैं तो एक प्रतिशत जीएसटी वसूला जा रहा है, जिससे 11 लाख रुपए आवास वालों से 11 हजार से अधिक व 6 लाख रुपए वालों से 6 हजार रुपए से अधिक जमा कराए जा रहे हैं। जबकि हितग्राहियों का कहना था कि यह विशेष आवासीय योजना था जो रियायती दरों व कर मुक्त योजना थी लेकिन इसे भी हाऊसिंग पर लगने वाली जीएसटी के दायरे में रखा गया है।
अटल आश्रय से ही सब्सिडी की शुरुआत
देश में आवास निर्माण के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा सब्सिडी की घोषणा की गई थी। जिसमें अटल आश्रय को ही मॉडल स्वरूप घोषित करते हुए इस योजना के तहत सभी हितग्राहियों के लिए सब्सिडी दिलाए जाने की घोषणा हुई थी। सबसे पहले सब्सिडी की प्राथमिक योजना के हितग्राहियों को अब तक सब्सिडी का लाभ नहीं दिया जा रहा है। बैंकों द्वारा अब बताया जा रहा है कि सब्सिडी केवल महिलाओं को दी जाएगी, लेकिन जब योजना प्रारंभ की गई थी, तब उसमें जानकारी दी गई थी कि सब्सिडी का लाभ प्रत्येक आवासीय योजना के हितग्राही को दी जाएगी। हितग्राहियों ने अपने-अपने बैंकों के माध्यम से जरूरी आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर दी है, लेकिन बैंकों द्वारा सब्सिडी नहीं दी जा रही है। जिससे अटल आश्रय योजना के हितग्राहियों ने सब्सिडी की आस में आवास लिए थे, कि उन्हें 2 लाख 50 हजार की छूट मिल जाएगी। जिससे उनको लगने वाला ब्याज भारी नहीं लगेगा, लेकिन सालों बीतने के बाद बैंकों द्वारा समस्त प्रक्रियाएं पूर्ण कराए जाने के बाद भी सब्सिडी खातों में नहीं आई है, जिससे लोग अपने आपको छला हुआ महसूस कर रहे हैं, जिससे लोगों का विरोध भी बढ़ता जा रहा है।
आवासीय परिसर अतिक्रमण मुक्त नहीं
हाऊसिंग बोर्ड के अनेक आवंटियों के सामने ही अतिक्रमण हैं। कई अतिक्रमण होने से आवासीय परिसर विकास के साथ अन्य कार्य नहीं हो पा रहे हैं। जिससे लोगों में रोष बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि इतने सालों में अभी तक अतिक्रमण भी नहीं हटवाए गए हैं, जिससे अनेक आवंटियों के आवास निर्माण का कार्य भी शुरू नहीं हो पाया है।